
Dholka Farmer Protest 2026: अहमदाबाद जिले के धोलका तालुका में नगरपालिका के गंदे पानी और स्थानीय फैक्ट्रियों से निकलने वाले कथित रासायनिक दूषित पानी के कारण खेती की जमीन प्रभावित होने का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। किसानों का आरोप है कि दूषित पानी के कारण उनकी जमीनें बंजर हो रही हैं और पीने तथा सिंचाई के पानी पर भी गंभीर असर पड़ा है।
24 सितंबर को विधायक जिग्नेश मेवाणी, किसान नेताओं और बड़ी संख्या में महिलाओं ने रैली के रूप में प्रांत कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया था। 25 सितंबर को प्रांत अधिकारी की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिलने के बाद जिग्नेश मेवाणी और किसान प्रतिनिधि कलेक्टर से मुलाकात करने के लिए कलेक्टर कार्यालय रवाना हुए।
Dholka Farmer Protest 2026 में किसानों ने प्रांत कार्यालय के सामने डाला डेरा
किसानों के विरोध के बीच शुक्रवार, 25 सितंबर को गणेश विसर्जन के दिन भी किसानों ने प्रांत कार्यालय के सामने मंडप लगाकर विरोध जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने वहां गणेश प्रतिमा स्थापित कर प्रशासन और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं मौके पर मौजूद रहीं। जानकारी के अनुसार, रात के दौरान महिलाओं और किसानों को प्रांत कार्यालय के परिसर में ही भोजन करना पड़ा। इस स्थिति को लेकर प्रदर्शनकारियों में नाराजगी देखी गई।
दूषित पानी को लेकर किसानों ने लगाए गंभीर आरोप
किसानों का आरोप है कि धोलका नगरपालिका के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) होने के बावजूद दूषित पानी सीधे ग्रामीण क्षेत्रों की ओर छोड़ा जा रहा है। किसानों का कहना है कि इससे भेतावाड़ा सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में पीने और सिंचाई के पानी की गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
प्रदर्शन में शामिल एक किसान ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि सीमित मजदूरी में परिवार का खर्च चलाना, बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना और साथ ही पीने के लिए अलग से शुद्ध पानी खरीदना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। किसान ने प्रशासन से मांग की कि गांवों में दूषित पानी का प्रवेश पूरी तरह रोका जाए।
लिखित आश्वासन नहीं मिलने पर कलेक्टर से मिलने पहुंचे प्रतिनिधि
किसानों का कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। वे दूषित पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लिखित और ठोस निर्णय की मांग कर रहे हैं।
प्रांत अधिकारी की ओर से अपेक्षित लिखित आश्वासन नहीं मिलने के बाद जिग्नेश मेवाणी और किसान प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से सीधे मुलाकात करने का निर्णय लिया। प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगें रखने वाला है।
किसान और GPCB अधिकारी करेंगे प्रभावित स्थान की जांच
दूषित पानी के स्रोत और उसके प्रवाह की स्थिति की जांच के लिए किसानों की एक टीम, प्रांत अधिकारी तथा गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) के अधिकारियों के साथ उस स्थान की ओर रवाना हुई है, जहां से कथित तौर पर दूषित पानी छोड़े जाने की शिकायत है।
जांच के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि पानी कहां से निकल रहा है और उसका प्रभाव किन क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इसके आधार पर प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन दूषित पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए तत्काल और ठोस लिखित निर्णय नहीं लेता है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फिलहाल किसानों की नजर कलेक्टर के साथ होने वाली मुलाकात और संबंधित अधिकारियों की जांच पर है। इसके बाद प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, यह महत्वपूर्ण होगा।
नोट: दूषित पानी से जमीन और जलस्रोत प्रभावित होने तथा कंपनियों या नगरपालिका की भूमिका से जुड़े आरोप फिलहाल किसानों द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित विभागों की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर होगी।



