
दलीप ट्रॉफी 2026: ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने साउथ जोन के खिलाफ पहली पारी में हासिल की गई विशाल बढ़त के दम पर दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले का पांचवां और अंतिम दिन ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी में 372 रन की बढ़त ने ईस्ट जोन को चैंपियन बना दिया। टीम ने 13 साल के लंबे अंतराल के बाद दलीप ट्रॉफी का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।
दूसरी पारी में 388 रन, कुल बढ़त 760 रन
फाइनल के अंतिम दिन ईस्ट जोन ने अपनी दूसरी पारी 7 विकेट पर 388 रन बनाकर घोषित की, जिससे उसकी कुल बढ़त 760 रन तक पहुंच गई। टीम की ओर से मोहम्मद कौनेन कुरैशी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 116 रन बनाए और अपने प्रथम श्रेणी करियर का पहला शतक पूरा किया।
कुरैशी ने सातवें विकेट के लिए अनुकूल रॉय के साथ 150 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। रॉय ने 64 रन का योगदान दिया।
इससे पहले ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था और साउथ जोन पर 372 रन की बड़ी बढ़त हासिल की थी। यही बढ़त अंततः खिताबी जीत का आधार बनी।
ईशान किशन का दोहरा शतक, शमी ने भी दिखाया दम
ईस्ट जोन की खिताबी जीत में कप्तान ईशान किशन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। उन्होंने पहली पारी में शानदार 270 रन की पारी खेलकर लाल गेंद के क्रिकेट में अपनी दावेदारी मजबूत की।
वहीं, अपने करियर का 100वां प्रथम श्रेणी मुकाबला खेल रहे अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
ईस्ट जोन की ओर से कुमार कुशाग्र ने अपने प्रथम श्रेणी करियर का छठा शतक लगाया, जबकि शिखर मोहन ने अर्धशतकीय पारी खेली।
साउथ जोन की गेंदबाजी पर उठे सवाल
फाइनल में साउथ जोन के गेंदबाज ईस्ट जोन के बल्लेबाजों पर अपेक्षित दबाव बनाने में नाकाम रहे। मोहम्मद सिराज ने कुछ समय तक आक्रामक गेंदबाजी की, लेकिन उन्हें दूसरे गेंदबाजों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला।
इसके अलावा, टीम चयन को लेकर भी सवाल उठे। करुण नायर, मयंक अग्रवाल और साई किशोर जैसे फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किए जाने को टीम प्रबंधन की बड़ी चूक बताया गया।
ईशान ने बताया जीत का रणनीतिक प्लान
खिताब जीतने के बाद 28 वर्षीय ईशान किशन ने कप्तानी की रणनीति पर बात करते हुए कहा कि कप्तान के लिए मैच की परिस्थितियों को समझना सबसे जरूरी होता है।
ईशान के अनुसार, पहली पारी में दो दिन बल्लेबाजी करने के बाद टीम का मुख्य लक्ष्य साउथ जोन के सभी 10 विकेट हासिल करना और बड़ी बढ़त बनाना था। जब यह स्पष्ट हो गया कि पहली पारी की बढ़त के आधार पर विजेता तय होगा, तब टीम ने पर्याप्त बढ़त हासिल करके मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।



