
Fake Toll App Scam: देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर FASTag के बिना सफर करने वाले वाहन चालकों से कथित तौर पर अवैध तरीके से टोल वसूली का बड़ा मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में ऐसे नेटवर्क का खुलासा होने का दावा किया गया है, जो करीब 100 राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर दो कथित अवैध ऐप के जरिए टोल राशि वसूल रहा था।
आरोप है कि इस वसूली से मिलने वाली रकम को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की आधिकारिक व्यवस्था से छिपाया जाता था, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा।
फर्जी रसीद बनाने के लिए इस्तेमाल होते थे ऐप
ED के मुताबिक, FASTag नहीं रखने वाले वाहनों से पैसे वसूलने के लिए ‘माबडाटा’ और ‘एनी’ नाम के दो कथित अवैध ऐप तैयार किए गए थे।
इन ऐप के जरिए वाहन चालकों को आधिकारिक जैसी दिखने वाली रसीदें जारी की जाती थीं। आरोप है कि इन लेनदेन का रिकॉर्ड NHAI की आधिकारिक प्रणाली में दर्ज नहीं किया जाता था।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस अवैध वसूली पर नजर रखने के लिए आरोपियों ने अलग पोर्टल भी तैयार किया था। इसी व्यवस्था के जरिए टोल राशि को कथित तौर पर सरकारी रिकॉर्ड से बाहर रखा जाता था।
14 ठिकानों पर ED की छापेमारी
मामले की जांच के तहत ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और NCR समेत कई स्थानों पर 14 ठिकानों पर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान एजेंसी को करीब ₹1.03 करोड़ नकद, हिसाब-किताब से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरण मिलने का दावा किया गया है। इन सामानों को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
इसके अलावा, मामले से जुड़े 8 बैंक खातों को भी फ्रीज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मिर्जापुर पुलिस की FIR से शुरू हुई जांच
इस मामले की जांच की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर पुलिस द्वारा दर्ज FIR के बाद हुई। शिकायत में मिर्जापुर के अतरैला शिव गुलाम टोल प्लाजा समेत अन्य टोल प्लाजा पर इसी तरह की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था।
ED की प्रारंभिक जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि अवैध टोल वसूली के नेटवर्क में बिचौलियों और NHAI की ओर से टोल संग्रह के लिए नियुक्त निजी कंपनियों की भूमिका हो सकती है।
फिलहाल मामले में ED की जांच जारी है और एजेंसी कथित अवैध वसूली के पूरे नेटवर्क, पैसों के लेनदेन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।



