गुजरात में जलाशयों की चिंताजनक स्थिति, पिछले साल 86 बांध लबालब थे, इस साल सिर्फ 20

Gujarat Water Crisis: गुजरात में इस वर्ष बारिश की स्थिति असमान रहने के कारण कई जलाशयों में पानी का स्तर चिंता का विषय बन गया है। खासकर उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में जल संकट की स्थिति अधिक गंभीर दिखाई दे रही है। दक्षिण गुजरात में अपेक्षाकृत अच्छी बारिश होने से वहां के कई जलाशयों की स्थिति बेहतर है।

आंकड़ों के मुताबिक, 6 सितंबर तक पिछले वर्ष गुजरात के 86 जलाशय पूरी तरह भर चुके थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या घटकर महज 20 रह गई है।

207 जलाशयों में औसत 74.89 प्रतिशत पानी

राज्य के कुल 207 जलाशयों में फिलहाल औसतन 74.89 प्रतिशत जलस्तर दर्ज किया गया है। क्षेत्रवार स्थिति देखें तो सौराष्ट्र के 141 में से 12, दक्षिण गुजरात के 13 में से 7 और मध्य गुजरात के 17 में से केवल 1 जलाशय पूरी तरह भर पाया है।

इसके मुकाबले पिछले वर्ष 6 सितंबर तक स्थिति काफी बेहतर थी। उस समय सौराष्ट्र के 62, दक्षिण गुजरात के 9, मध्य गुजरात के 8, कच्छ के 4 और उत्तर गुजरात के 3 जलाशय पूरी तरह भर चुके थे।

उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में ज्यादा चिंता

इस वर्ष सबसे अधिक चिंता उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ को लेकर है। वर्तमान में सौराष्ट्र के जलाशयों में औसत जलस्तर करीब 53.18 प्रतिशत, उत्तर गुजरात में 42.64 प्रतिशत और कच्छ में महज 23.88 प्रतिशत है।

राज्य के 76 जलाशय ऐसे हैं, जहां पानी का स्तर 25 प्रतिशत से भी नीचे पहुंच गया है। इससे आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ सकती है, खासकर यदि आगे पर्याप्त बारिश नहीं होती है।

सरदार सरोवर से मिली बड़ी राहत

हालांकि, गुजरात के लिए राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि राज्य की जीवनरेखा माने जाने वाले सरदार सरोवर बांध में जलस्तर 90.31 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

सरदार सरोवर में पर्याप्त पानी होने से राज्य की पेयजल और सिंचाई जरूरतों के लिए कुछ राहत बनी हुई है। लेकिन क्षेत्रीय स्तर पर जलाशयों में पानी की असमान स्थिति सरकार और किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

आने वाले दिनों में होने वाली बारिश यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी कि उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ के जलाशयों की स्थिति में कितना सुधार होता है।