गुजरात में अगले 3 घंटे भारी, 19 जिलों में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट

Gujarat Weather Updates: गुजरात में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता दिखाई दे रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD), अहमदाबाद की ओर से आज सुबह 10 बजे जारी ताजा नाउकास्ट बुलेटिन के अनुसार, अगले तीन घंटे यानी दोपहर 1 बजे तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने बारिश की तीव्रता और तेज हवाओं को देखते हुए कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

इन 19 जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में प्रति घंटे 15 मिमी या उससे अधिक बारिश हो सकती है। इस दौरान 41 से 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा मध्यम से भारी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की 60 प्रतिशत से अधिक संभावना बताई गई है।

रेड अलर्ट वाले क्षेत्र:

  • साबरकांठा
  • गांधीनगर
  • अहमदाबाद
  • सुरेंद्रनगर
  • मोरबी
  • भावनगर
  • वडोदरा
  • आणंद
  • खेड़ा
  • अरावली
  • मेहसाणा
  • राजकोट
  • बोटाद
  • अमरेली
  • जूनागढ़
  • गिर सोमनाथ
  • दीव
  • जामनगर
  • भरूच

इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अगले कुछ घंटों के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

इसके अलावा बनासकांठा, पाटण, कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, महीसागर, पंचमहल, दाहोद, छोटा उदेपुर, नर्मदा, सूरत, तापी, डांग, नवसारी, वलसाड, दमन तथा दादरा एवं नगर हवेली में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इन क्षेत्रों में प्रति घंटे 5 से 15 मिमी तक बारिश होने की संभावना है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। यहां भी हवा की गति 41 से 61 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने तथा बिजली गिरने की 30 से 60 प्रतिशत संभावना बताई गई है।

जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका

मौसम विभाग के निर्देशों के अनुसार, रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले इलाकों में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने, स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

प्रशासन ने लोगों से अगले कुछ घंटों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। नागरिकों को पुराने या जर्जर मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा आकाशीय बिजली की स्थिति में खुले स्थानों पर न रहने की सलाह दी गई है।

खासकर बिजली की गरज-चमक के दौरान सुरक्षित और पक्के स्थान पर ही रहने की अपील की गई है।