HDFC बैंक ने कर्जदारों को दी बड़ी राहत, MCLR दरों में कटौती; जानें आपकी EMI सस्ती होगी या नहीं

HDFC Bank MCLR Cut September 2026: एचडीएफसी बैंक ने अपने ग्राहकों को राहत देते हुए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 10 आधार अंक तक की कटौती की है। बैंक की संशोधित दरें 7 सितंबर 2026 से लागू हो गई हैं। कटौती के बाद अलग-अलग अवधि के लिए बैंक का MCLR अब 7.90% से 8.60% के बीच है, जबकि पहले यह 8.00% से 8.65% तक था।

अलग-अलग अवधि के MCLR में बदलाव

बैंक ने अलग-अलग अवधि के कर्ज के लिए ब्याज दरों में बदलाव किया है।

  • ओवरनाइट और 1 महीने: MCLR 10 आधार अंक घटकर 7.90% हो गया है, जो पहले 8.00% था।
  • 3 महीने: दर 10 आधार अंक घटकर 8.05% हो गई है। पहले यह 8.15% थी।
  • 6 महीने: MCLR में 5 आधार अंकों की कमी के बाद दर 8.25% हो गई है।
  • 1 साल: दर 5 आधार अंक घटकर 8.35% रह गई है, जो पहले 8.40% थी।
  • 2 साल: MCLR 10 आधार अंक घटकर 8.45% हो गया है।
  • 3 साल: दर 5 आधार अंक घटकर 8.60% हो गई है।

क्या आपकी होम लोन EMI भी कम होगी?

MCLR में कटौती होने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि होम लोन की EMI तुरंत कम हो जाएगी। इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी लोन दर किस बेंचमार्क से जुड़ी है और आपकी ब्याज दर की अगली समीक्षा या रीसेट तारीख कब है।

यदि आपकी होम लोन दर MCLR से जुड़ी हुई है, तो रीसेट तारीख आने पर ब्याज दर में बदलाव का लाभ मिल सकता है। हालांकि, मौजूदा समय में नए फ्लोटिंग रेट वाले कई होम लोन बाहरी बेंचमार्क से जुड़े होते हैं। ऐसे कर्ज पर MCLR में इस कटौती का सीधा असर जरूरी नहीं है।

इसलिए EMI में वास्तविक कमी जानने के लिए सबसे पहले अपने लोन एग्रीमेंट में बेंचमार्क और रीसेट तारीख की जांच करना जरूरी है।

FD पर भी बैंक ने पहले किया था बदलाव

एचडीएफसी बैंक ने इससे पहले 19 अगस्त को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में भी बदलाव किया था। संशोधित दरों के तहत वरिष्ठ नागरिकों को 3 साल 1 दिन से लेकर 4 साल 7 महीने तक की अवधि वाली कुछ जमाओं पर अधिकतम 7.10% सालाना ब्याज दिया जा रहा है।

यानी बैंक की ओर से जमा और कर्ज, दोनों से जुड़ी ब्याज दरों में हालिया बदलाव ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, किसी ग्राहक को वास्तविक लाभ उसकी लोन योजना, बेंचमार्क, रीसेट तारीख और बकाया राशि पर निर्भर करेगा।