बारिश को लेकर एक और राहत की खबर, मानसून की विदाई से पहले फिर बरसेंगे बादल; 21 राज्यों में अलर्ट

Weather Update: देश में मानसून अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ रहा है, लेकिन उससे पहले कई राज्यों में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 9 सितंबर से देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। विभिन्न क्षेत्रों के लिए जारी चेतावनियों में उत्तर भारत से लेकर पूर्वी, मध्य, पश्चिमी और दक्षिणी भारत तक कई राज्य शामिल हैं।

मौसम की यह सक्रियता किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि बारिश से खेतों में नमी बनी रह सकती है। हालांकि, जिन क्षेत्रों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी है, वहां जलभराव, फसल नुकसान और आवागमन में परेशानी का खतरा भी बना रहेगा।

दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में बदलेगा मौसम

उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बारिश तथा तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है, जबकि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।

पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में तेज बारिश और आंधी को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

बिहार और झारखंड में भी तेज बारिश की चेतावनी

बिहार और झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। झारखंड के रांची समेत कई इलाकों के लिए आंधी और बारिश की चेतावनी दी गई है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना बताई गई है।

बिहार में भी कई जिलों में बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा बताया गया है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी सक्रिय रहेगा मौसम

राजस्थान के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। जयपुर सहित कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

मध्य प्रदेश में भी भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों के लिए बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। यहां कुछ स्थानों पर हवा की गति करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है।

पूर्वी भारत में बारिश का जोर

पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, ओडिशा में 9 से 12 सितंबर तक भारी बारिश और 10 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर भी जारी रह सकता है।

पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश तथा गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।

गुजरात में अभी राहत, 12-13 सितंबर को बारिश की संभावना

गुजरात के लिए मौसम विभाग की 9 सितंबर की ताजा चेतावनी के अनुसार 9 से 11 सितंबर तक कोई चेतावनी नहीं है, लेकिन गुजरात क्षेत्र में 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। सौराष्ट्र और कच्छ के लिए इस अवधि में कोई भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है।

यानी गुजरात के लिए बारिश का अगला सक्रिय दौर 12-13 सितंबर के आसपास देखने को मिल सकता है।

किसानों के लिए बारिश क्यों महत्वपूर्ण है?

मानसून के अंतिम चरण में होने वाली बारिश किसानों के लिए कई इलाकों में उपयोगी साबित हो सकती है। खेतों में पर्याप्त नमी रहने से खरीफ फसलों को फायदा मिल सकता है।

हालांकि, अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में पानी भरने, फसल गिरने और कटाई के काम में देरी जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। इसलिए किसानों के लिए स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखना जरूरी है।

मानसून की विदाई से पहले एक और बारिश का दौर

मानसून भले ही धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ रहा हो, लेकिन मौजूदा मौसम प्रणालियों के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश का एक और दौर सक्रिय हो रहा है। आने वाले दिनों में बारिश का प्रभाव क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग रहेगा।

इसलिए ‘पूरे देश में लगातार भारी बारिश’ के बजाय स्थानीय पूर्वानुमान को ध्यान में रखना अधिक महत्वपूर्ण होगा। खासतौर पर तेज हवाओं, बिजली गिरने और भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।