जॉर्डन में ईरान का बड़ा हमला, अमेरिकी सैन्य अड्डे पर कई विमान क्षतिग्रस्त; A-10 की एक विंग टूटी

US-Iran War Updates: अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरान के मिसाइल हमले के बाद बड़ी क्षति की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, मुयवफ्फक सल्ती एयर बेस पर हुए हमले में कई अमेरिकी सैन्य विमान क्षतिग्रस्त हुए। इनमें एक A-10 थंडरबोल्ट भी शामिल है, जिसकी एक विंग टूट गई, जबकि करीब 8 F-15 लड़ाकू विमानों को मामूली नुकसान पहुंचा।

अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला

ईरान ने 8 सितंबर की रात जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया। यह हमला अमेरिका द्वारा पांच ईरानी तेल टैंकरों को नष्ट किए जाने के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई का हिस्सा था। जॉर्डन और अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हमले में दागी गई अधिकांश मिसाइलों को रोक लिया गया और किसी अमेरिकी सैनिक की मौत की सूचना नहीं है।

मुयवफ्फक सल्ती एयर बेस अमेरिका के लिए क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण वायुसेना केंद्र है, जहां से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

A-10 को भारी नुकसान, 8 F-15 भी प्रभावित

CBS की रिपोर्ट के अनुसार, हमले में एक A-10 थंडरबोल्ट, जिसे ‘वॉरथोग’ भी कहा जाता है, गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ और उसकी एक विंग टूट गई। इसके अलावा करीब 8 F-15 लड़ाकू विमानों को हल्का नुकसान पहुंचा। रिपोर्ट के मुताबिक, इन F-15 विमानों को बाद में दोबारा सेवा में शामिल कर दिया गया।

इस घटनाक्रम की पुष्टि अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से विस्तार से नहीं की है, लेकिन अमेरिकी सैन्य विमानों को नुकसान पहुंचने की जानकारी से परिचित सूत्रों के हवाले से सामने आई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस रिपोर्ट पर तत्काल टिप्पणी नहीं की थी।

हमले को रोकने के लिए दागीं गईं 30 से अधिक पैट्रियट मिसाइलें

रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी हमले को रोकने के लिए अमेरिकी बलों ने 30 से अधिक पैट्रियट मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इससे क्षेत्र में अमेरिकी वायु रक्षा संसाधनों पर भी दबाव बढ़ने की चिंता सामने आई है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। कुछ ही समय पहले अमेरिका ने ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया था, जिसके बाद ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और समुद्री मार्गों पर जवाबी कार्रवाई तेज करने की चेतावनी दी है।

जॉर्डन क्यों बना अहम सैन्य मोर्चा?

जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी लंबे समय से है और मुयवफ्फक सल्ती एयर बेस क्षेत्र में अमेरिकी अभियानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण जॉर्डन भी क्षेत्रीय सैन्य तनाव की चपेट में आ गया है।

फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार अमेरिकी सैन्य विमानों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की सूचना नहीं है। हमले से हुए कुल नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी सामने आना बाकी है।