कृति सेनन के कपड़ों पर सियासी घमासान: राहुल गांधी के समर्थन पर कंगना रनौत का पलटवार

बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन की रक्षाबंधन के एक ज्वेलरी विज्ञापन में पहनी गई ड्रेस को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। विज्ञापन में कृति के इंडो-वेस्टर्न लुक और नेकलाइन को लेकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाए। वहीं, कुछ यूजर्स ने अभिनेत्री का समर्थन करते हुए इसे उनकी व्यक्तिगत पसंद और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा मामला बताया।

राहुल गांधी ने किया कृति सेनन का समर्थन

विवाद के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कृति सेनन के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया। उन्होंने कहा कि महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। राहुल गांधी ने महिलाओं को उनके पहनावे के लिए ट्रोल नहीं करने की अपील करते हुए #SmashThePatriarchy का भी इस्तेमाल किया।

कृति ने भी आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि किसी त्योहार का सार केवल कपड़ों में नहीं, बल्कि उससे जुड़ी भावनाओं और परंपराओं के अर्थ में होता है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि समाज महिलाओं के पहनावे को लेकर उन्हें निर्देश देना कब बंद करेगा।

कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

राहुल गांधी के समर्थन के बाद भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने उन पर पलटवार किया। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर राहुल गांधी के ‘Smash the Patriarchy’ संदेश के जवाब में लिखा—“Bro, wait. Bharat Mata ki Jai. Shuru karte hain.”

कंगना इससे पहले भी कृति सेनन के विज्ञापन पर टिप्पणी कर चुकी थीं। उन्होंने सवाल उठाया था कि रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार के विज्ञापन में इतना बोल्ड पहनावा क्यों चुना गया।

BJP ने भी राहुल गांधी को घेरा

इस विवाद में भाजपा भी कूद पड़ी। भाजपा ने राहुल गांधी के ‘पितृसत्ता खत्म करो’ वाले रुख पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि महिलाओं की पसंद और स्वतंत्रता को लेकर उनका रुख अलग-अलग मामलों में एक जैसा नहीं है। पार्टी ने हिजाब और अबाया का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या महिला सशक्तिकरण के लिए हर महिला पर समान मानदंड लागू नहीं होना चाहिए।

इस तरह कृति सेनन के एक विज्ञापन से शुरू हुआ विवाद अब फैशन, महिला स्वतंत्रता, सांस्कृतिक परंपराओं और राजनीतिक विचारधारा की बहस में बदल गया है। इस बीच रिपोर्ट्स के अनुसार ज्वेलरी ब्रांड GIVA ने भी सोशल मीडिया विवाद के बीच यह विज्ञापन हटा दिया है।