
चुनाव आयोग ने ममता गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया; एक को फुटबॉल खिलाड़ी तो दूसरे को लिफाफा चिन्ह मिला
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए अंतरिम नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए हैं। यह व्यवस्था आगामी उपचुनावों तक लागू रहेगी। आयोग ने एक दिन पहले ही दोनों गुटों को मूल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और पारंपरिक ‘जोड़ाफूल’ (फूल और घास) चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल करने से रोक दिया था।
ममता गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चिन्ह
चुनाव आयोग के ताजा फैसले के अनुसार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है। इस गुट को चुनाव चिन्ह के रूप में ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ आवंटित किया गया है।
आयोग के अनुसार, इस गुट को पश्चिम बंगाल के साथ-साथ मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में माना जाएगा।
बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’
दूसरी ओर, अरूप राय के नेतृत्व वाले गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है और उसे ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार इस गुट में ऋतब्रत बनर्जी का खेमा भी शामिल है।
दोनों गुटों को आगामी उपचुनावों में इन्हीं अंतरिम नामों और चिन्हों के साथ चुनाव लड़ना होगा।
28 साल बाद बदली TMC की चुनावी पहचान
ममता बनर्जी ने 1998 में कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की थी। पार्टी की पहचान लंबे समय से ‘फूल और घास’ यानी जोड़ाफूल चुनाव चिन्ह से जुड़ी रही है।
चुनाव आयोग द्वारा मूल नाम और चिन्ह को फिलहाल रोक दिए जाने के बाद करीब 28 वर्षों में पहली बार ममता के नेतृत्व वाले गुट को अलग नाम और चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव मैदान में उतरना होगा।
फैसला फिलहाल अंतरिम
चुनाव आयोग का यह फैसला स्थायी रूप से यह तय नहीं करता कि मूल तृणमूल कांग्रेस के नाम और ‘जोड़ाफूल’ चिन्ह पर अधिकार किस गुट का होगा। आयोग ने दोनों पक्षों के दावों पर अंतिम निर्णय होने तक आगामी उपचुनावों के लिए अलग-अलग नाम और चिन्ह आवंटित किए हैं।
पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों में दोनों गुट नई राजनीतिक पहचान के साथ मैदान में उतरेंगे। चुनाव आयोग के फैसले के अनुसार, मूल नाम और चिन्ह पर अंतिम फैसला विस्तृत प्रक्रिया के बाद किया जाएगा।



