मुंबई में BMC के जूनियर इंजीनियर और कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, ₹2.78 लाख नकद भी बरामद

मुंबई में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के एक जूनियर इंजीनियर और एक कर्मचारी को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने एक बेकरी संचालक से कारोबार सुचारू रूप से चलाने और प्रशासनिक कार्रवाई से बचाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 43 वर्षीय जूनियर इंजीनियर नीरवकुमार चुनीलाल जैसुर और 46 वर्षीय BMC कर्मचारी विजय रमेश पाटिल के रूप में हुई है। दोनों मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित BMC के K/West वार्ड कार्यालय से जुड़े बताए गए हैं।

पहले मांगी ₹70 हजार की रिश्वत

ACB के अनुसार, शिकायतकर्ता बेकरी का कारोबार करता है। आरोप है कि विजय पाटिल ने उससे ₹70 हजार की रिश्वत मांगी थी। इसके बदले बेकरी का काम बिना परेशानी जारी रखने और प्रतिष्ठान के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया गया था।

रिश्वत देने से इनकार करने के बाद बेकरी संचालक ने मुंबई ACB से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के दौरान पाटिल ने कथित तौर पर दोबारा ₹70 हजार की मांग की और शिकायतकर्ता की मुलाकात अपने वरिष्ठ अधिकारी नीरवकुमार जैसुर से कराई। बातचीत के बाद रिश्वत की रकम घटाकर ₹60 हजार तय की गई।

ACB ने बिछाया जाल, रंगे हाथ पकड़ा

शिकायत की पुष्टि होने के बाद ACB अधिकारियों ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत विजय पाटिल शिकायतकर्ता से ₹60 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। इसके बाद अधिकारियों ने BMC कार्यालय में मौजूद जूनियर इंजीनियर नीरवकुमार जैसुर को भी हिरासत में ले लिया।

कार्रवाई के दौरान ACB ने पाटिल की तलाशी ली। उसके पास से ₹40,820 नकद मिले, जबकि उसके बैग से ₹2,37,600 अतिरिक्त नकदी बरामद हुई। इस तरह उसके कब्जे से कुल ₹2,78,420 नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

मोबाइल फोन भी किए गए जब्त

जांच के दौरान अधिकारियों ने नीरवकुमार जैसुर के पास से दो मोबाइल फोन और विजय पाटिल के पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।