
राजस्थान के नागौर की मुंडवा नगरपालिका में उलटा चुनावी गणित, भाजपा सबसे बड़ा दल होने के बावजूद अध्यक्ष पद से बाहर
BJP Cross Voting Rajasthan: राजस्थान के नागौर जिले की मुंडवा नगरपालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव का नतीजा चर्चा में है। 25 सदस्यीय नगरपालिका में भाजपा के सबसे अधिक 10 पार्षद होने के बावजूद पार्टी की अधिकृत अध्यक्ष प्रत्याशी गीता देवी को एक भी वोट नहीं मिला।
दूसरी ओर, कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के समर्थन से चुनाव लड़ रहीं अलका देवी कंदोई ने 13 वोट हासिल कर अध्यक्ष पद जीत लिया। निर्दलीय उम्मीदवार घनश्याम सादावत को 12 वोट मिले। इस तरह अलका कंदोई ने महज एक वोट के अंतर से जीत दर्ज की।
मुंडवा में क्या था चुनावी गणित?
मुंडवा नगरपालिका के 25 वार्डों के चुनाव परिणाम में:
- भाजपा — 10 पार्षद
- RLP — 7 पार्षद
- कांग्रेस — 3 पार्षद
- निर्दलीय — 5 पार्षद
भाजपा सबसे अधिक सीटों के साथ सबसे बड़ा दल बनी थी। इसके बावजूद अध्यक्ष पद के चुनाव में उसकी अधिकृत प्रत्याशी गीता देवी को शून्य वोट मिले।
कांग्रेस-RLP के 10 वोट, अलका कंदोई को मिले 13
अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस और RLP ने साथ आकर अलका देवी कंदोई को समर्थन दिया। दोनों दलों के पास कुल 10 पार्षद थे, लेकिन कंदोई को 13 वोट मिले।
इससे पता चलता है कि कांग्रेस-RLP के 10 पार्षदों के अलावा तीन अन्य पार्षदों के वोट भी उनके पक्ष में गए। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इन अतिरिक्त वोटों के व्यक्तिगत रूप से किस-किस पार्षद ने उन्हें दिया, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
निर्दलीय घनश्याम सादावत को मिले 12 वोट
अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय घनश्याम सादावत (विक्की) भी मैदान में थे। उन्हें 12 वोट मिले और वह अलका कंदोई से सिर्फ एक वोट पीछे रह गए।
रिपोर्टों के अनुसार, सादावत पहले भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीत चुके थे, लेकिन अध्यक्ष पद के लिए उन्हें पार्टी का टिकट नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा।
भाजपा प्रत्याशी का खाता भी नहीं खुला
भाजपा ने अध्यक्ष पद के लिए गीता देवी को उम्मीदवार बनाया था। लेकिन परिणाम में उन्हें 0 वोट मिले। यानी नगरपालिका में भाजपा के 10 निर्वाचित पार्षद होने के बावजूद किसी का वोट पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी के खाते में नहीं गया।
हालांकि, यह कहना कि सभी 10 भाजपा पार्षदों ने निश्चित रूप से किसी एक उम्मीदवार को वोट दिया, उपलब्ध परिणामों से अपने आप साबित नहीं होता। चुनाव परिणाम केवल यह दिखाता है कि गीता देवी को कोई वोट नहीं मिला और घनश्याम सादावत को 12 तथा अलका कंदोई को 13 वोट मिले।
मुंडवा का यह परिणाम स्थानीय निकाय चुनावों में वार्डों की संख्या और अध्यक्ष पद के लिए होने वाले अलग मतदान के बीच अंतर को भी सामने लाता है। नगरपालिका में सबसे अधिक पार्षद होने के बावजूद भाजपा अध्यक्ष पद हासिल नहीं कर सकी।



