Pakistan-Afghanistan Border Clash 2026: सीमा पर फिर बढ़ा तनाव, अफगानिस्तान का 28 लड़ाकों को मारने का दावा; 32 पकड़े

Pakistan-Afghanistan Border Clash 2026: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा विवाद एक बार फिर गंभीर हो गया है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि पूर्वी प्रांत नूरिस्तान के कामदेश जिले में उसकी सेना ने सीमा पार से आए 28 लड़ाकों को मार गिराया और 32 अन्य को पकड़ लिया। काबुल ने आरोप लगाया है कि इन लड़ाकों को पाकिस्तान से समर्थन मिला था। हालांकि, पाकिस्तान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि 28 मौतों और 32 गिरफ्तारियों के अफगान दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान ने भी कहा है कि अफगान पक्ष ने अपने आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए हैं।

नूरिस्तान में क्या हुआ?

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, शनिवार को कई सशस्त्र समूह पाकिस्तान की दिशा से नूरिस्तान के कामदेश जिले में दाखिल हुए। अफगान पक्ष का आरोप है कि इन समूहों का उद्देश्य इलाके में हमले करना और अस्थिरता पैदा करना था।

अफगान सुरक्षा बलों ने इसके बाद अभियान शुरू किया। मंत्रालय के मुताबिक, कार्रवाई में 28 लड़ाके मारे गए और 32 अन्य को पकड़ लिया गया। अफगान अधिकारियों का कहना है कि बचे हुए कुछ लड़ाके पाकिस्तानी सीमा की ओर भाग गए।

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर क्या आरोप लगाए?

काबुल का आरोप है कि इन समूहों में कथित तौर पर दाएश/इस्लामिक स्टेट से जुड़े लड़ाके और पूर्व अफगान सरकार के सुरक्षा बलों के कुछ सदस्य शामिल थे।

अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने पूर्व अफगान सुरक्षा कर्मियों को विदेश में शरण और अच्छी नौकरी दिलाने के वादे के साथ पाकिस्तान बुलाया। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर प्रशिक्षण देकर नूरिस्तान की ओर भेजा गया।

अफगान पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तानी मिलिशिया और सुरक्षा कर्मियों ने इन लड़ाकों को समर्थन दिया, लेकिन संघर्ष शुरू होने के बाद पीछे हट गए।

हालांकि, ये सभी आरोप अफगान सरकार के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पाकिस्तान ने आरोपों को बताया ‘बेबुनियाद’

पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने अफगानिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें “तुच्छ, निराधार और सच्चाई से परे” बताया।

इस्लामाबाद ने स्पष्ट किया कि उसके सुरक्षा बल या खुफिया एजेंसियां नूरिस्तान या अफगानिस्तान के किसी अन्य हिस्से में हुई इन झड़पों में शामिल नहीं थीं। पाकिस्तान ने पूर्व अफगान सुरक्षा कर्मियों की भर्ती या उन्हें प्रशिक्षण देने और इस्लामिक स्टेट या किसी अन्य आतंकी संगठन को मदद पहुंचाने के आरोपों से भी इनकार किया।

पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान ने अपने आरोपों के समर्थन में पहचान संबंधी दस्तावेज, संचार रिकॉर्ड, फोरेंसिक सबूत या स्वतंत्र पुष्टि पेश नहीं की है।

सीमा पर पहले से बढ़ा हुआ है तनाव

नूरिस्तान की यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संबंध पहले से तनावपूर्ण हैं। दोनों देश लंबे समय से एक-दूसरे पर सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों और सशस्त्र समूहों को समर्थन देने के आरोप लगाते रहे हैं।

हाल के दिनों में सीमा पार संघर्ष और अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में पाकिस्तानी हवाई हमलों को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप हुए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान में मौजूद कुछ सशस्त्र समूह पाकिस्तान के खिलाफ हमले करते हैं, जबकि काबुल इन आरोपों से इनकार करता रहा है।

विवाद की जड़ में है डूरंड लाइन

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच करीब 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसे डूरंड लाइन कहा जाता है। अफगानिस्तान इस सीमा को अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मान्यता नहीं देता।

इसी वजह से सीमा क्षेत्र में सुरक्षा, आवाजाही और सशस्त्र समूहों की गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद बना हुआ है। नूरिस्तान पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के चित्राल क्षेत्र के करीब स्थित है, जिससे इस इलाके की रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।

आगे क्या हो सकता है?

नूरिस्तान की घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान ने घटना को लेकर बिल्कुल अलग-अलग दावे किए हैं।

अफगानिस्तान 28 लड़ाकों के मारे जाने और 32 के पकड़े जाने की बात कह रहा है, जबकि पाकिस्तान ने सीमा पार घुसपैठ या अपने सुरक्षा तंत्र की किसी भूमिका से इनकार किया है। स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं होने के कारण घटना के सभी विवरणों को फिलहाल संबंधित पक्षों के दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।