नया जॉब चार्ट लाते ही सरकार की बढ़ी मुश्किलें: राजस्व तलाटियों ने खोला मोर्चा, कहा- छुट्टियों में काम नहीं करेंगे

Gujarat Revenue Talati: गुजरात सरकार द्वारा 2012 के बाद करीब 14 साल में पहली बार राजस्व तलाटियों और पंचायत तलाटियों (तलाटी-कम-मंत्री) के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय करते हुए नया जॉब चार्ट जारी किया गया है। हालांकि, नए जॉब चार्ट को लेकर राजस्व तलाटियों में नाराजगी बढ़ गई है।

राजस्व तलाटियों का आरोप है कि नए जॉब चार्ट में उनके ऊपर काम का बोझ काफी बढ़ा दिया गया है और तलाटी-कम-मंत्री तथा अन्य विभागों से जुड़ी कई जिम्मेदारियां भी उनके ऊपर डाल दी गई हैं। इस मुद्दे को लेकर गुजरात राज्य महसूली कर्मचारी महामंडल के तहत राजस्व तलाटियों ने विरोध दर्ज कराया है।

वर्क टू रूल का ऐलान, छुट्टियों में भी काम नहीं करने की चेतावनी

महसूल कर्मचारी महामंडल ने सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि कर्मचारियों की लंबित मांगों पर पहले भी तीन बार રજૂઆત की जा चुकी है, लेकिन अब तक कई समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।

महामंडल का कहना है कि कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़े मामलों में भी परेशानी है। मूल जिलों में पद खाली होने के बावजूद दूसरे जिलों में नियुक्तियां किए जाने के कारण कई कर्मचारियों को अपनी पदोन्नति तक छोड़नी पड़ी है।

अब संगठन ने वर्क टू रूल के तहत काम करने की चेतावनी दी है। इसके तहत राजस्व तलाटी अन्य विभागों का काम नहीं करने के साथ-साथ सरकारी छुट्टियों में भी काम नहीं करने की बात कह रहे हैं।

नए जॉब चार्ट में 45 तरह की जिम्मेदारियां

सरकार के नए जॉब चार्ट में राजस्व तलाटियों के लिए कुल 45 तरह की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इनमें प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना, पेढ़ीनामा, कृषि राहत पैकेज के तहत किसानों के आवेदन और वेरिफिकेशन, खेत की जमीन के कटाव का सर्वे, फसल रिपोर्ट तैयार कर तालुका कार्यालय भेजना और सूचना पत्रक का रखरखाव जैसी जिम्मेदारियां शामिल हैं।

इसके अलावा Agricultural Census, भूमि राजस्व का वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट, फसल उत्पादन, भूमि सुधार, किसान रजिस्ट्रेशन और बुवाई संबंधी रिकॉर्ड जैसी कई जिम्मेदारियां भी राजस्व तलाटियों को दी गई हैं।

‘ये काम तलाटी-कम-मंत्री और ग्राम सेवकों के हैं’

राजस्व तलाटियों का दावा है कि नए जॉब चार्ट में शामिल कई काम वास्तव में तलाटी-कम-मंत्री और ग्राम सेवकों से संबंधित हैं। इन अतिरिक्त जिम्मेदारियों के कारण पहले से ही काम के दबाव में रहने वाले राजस्व तलाटियों पर और बोझ बढ़ जाएगा।

महामंडल का कहना है कि यदि सरकार इन सभी जिम्मेदारियों को राजस्व तलाटियों से करवाना चाहती है तो उसके लिए पर्याप्त स्टाफ और संसाधन उपलब्ध कराने होंगे।

50 फीसदी से ज्यादा अतिरिक्त स्टाफ की मांग

कर्मचारी संगठन के मुताबिक, मौजूदा जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए 50 फीसदी से अधिक अतिरिक्त स्टाफ और पर्याप्त महेकम की जरूरत है। संगठन का कहना है कि पर्याप्त कर्मचारियों और जरूरी सुविधाओं के बिना इतने बड़े स्तर पर काम सौंपना व्यावहारिक नहीं है।

अब देखना होगा कि राजस्व तलाटियों के विरोध और वर्क टू रूल की चेतावनी के बाद सरकार नए जॉब चार्ट को लेकर क्या फैसला करती है।