अब अमेरिका में ‘मुफ्त की रेवड़ी’! चुनाव जीतने पर हर नागरिक को ₹4.2 लाख देने का ट्रंप का वादा

US Politics: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दो बयानों ने अमेरिका के राजनीतिक और आर्थिक गलियारों में बहस छेड़ दी है। एक तरफ ट्रंप ने अमेरिकी नागरिकों को 5,000 डॉलर यानी करीब ₹4.2 लाख का लाभांश देने का वादा किया है, वहीं दूसरी ओर उन्होंने ईरान के साथ जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों के ऊंचे स्तर पर बने रहने की आशंका जताई है। दोनों घोषणाओं का सीधा संबंध अमेरिकी अर्थव्यवस्था और आगामी मध्यावधि चुनाव से है।

रिपब्लिकन जीतते हैं तो 5,000 डॉलर का लाभांश?

ट्रंप ने अमेरिकी नागरिकों को 5,000 डॉलर का लाभांश देने की योजना का संकेत दिया है। यह राशि करीब ₹4.2 लाख बैठती है। उनके मुताबिक, यदि रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट—दोनों में चुनाव जीतती है, तो इस योजना को लागू किया जा सकता है।

ट्रंप ने इसकी तुलना किसी सफल कंपनी द्वारा अपने शेयरधारकों को दिए जाने वाले नकद लाभांश से की। उनका तर्क है कि अमेरिका की आर्थिक सफलता का लाभ सीधे नागरिकों तक भी पहुंचना चाहिए।

उन्होंने पिछले वर्ष अमेरिकी सैन्यकर्मियों को दी गई 1,776 डॉलर की राशि का भी उल्लेख किया। यह राशि अमेरिका की स्वतंत्रता के वर्ष 1776 से जोड़ी गई थी।

ईरान युद्ध से बढ़ा कच्चे तेल का दबाव

दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दिखाई दे रहा है। संघर्ष तेज होने के बाद ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई और कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई।

ट्रंप ने माना है कि युद्ध के कारण बढ़ी तेल कीमतों के मध्यावधि चुनाव से पहले तेजी से नीचे आने की संभावना कम है। इसका सीधा असर अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की कीमतों और महंगाई पर पड़ सकता है।

पहले कुछ हफ्तों में युद्ध खत्म होने का दावा

ट्रंप शुरुआत में ईरान के साथ संघर्ष के कुछ ही सप्ताह में समाप्त होने की बात कहते रहे थे। हालांकि, अब यह संघर्ष सातवें महीने तक पहुंच चुका है और इसके समाप्त होने की कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है।

डल्लास में रिपब्लिकन मध्यावधि सम्मेलन से रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि चुनाव समाप्त होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट शुरू हो सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कीमतों को नीचे आने में चुनाव की अवधि से थोड़ा अधिक समय लग सकता है।

चुनाव के बाद ईरान पर दबाव बढ़ने की उम्मीद

ट्रंप ने यह विश्वास भी जताया कि मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान लंबे समय तक अमेरिकी दबाव का सामना नहीं कर पाएगा और अंततः पीछे हटने के लिए मजबूर हो सकता है।

एक तरफ नागरिकों को 5,000 डॉलर देने का चुनावी वादा और दूसरी तरफ युद्ध के कारण महंगे तेल की चुनौती—आने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में ये दोनों मुद्दे ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

ध्यान दें: 5,000 डॉलर का लाभांश अभी लागू योजना नहीं है; यह ट्रंप द्वारा व्यक्त किया गया चुनावी/नीतिगत प्रस्ताव है। इसे लागू करने के लिए आवश्यक राजनीतिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी होगा।