‘यह युद्ध नहीं, छोटी सी बात है’: ईरान के साथ सैन्य संघर्ष पर ट्रंप के बयान से अमेरिका में हलचल

Trump on Iran Conflict: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को ‘युद्ध’ कहने से इनकार किया और इसे अमेरिका के लिए ‘बहुत छोटी बात’ बताया

ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य संघर्ष को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही सैन्य कार्रवाई को पूर्ण युद्ध मानने से इनकार करते हुए इसे ‘सैन्य संघर्ष’ बताया और कहा कि अमेरिका के लिए यह “बहुत छोटी बात” है।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने और सैन्य अभियान पर भारी खर्च को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

ट्रंप ने कहा- इसे युद्ध नहीं कहता

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ चल रही लड़ाई को ‘युद्ध’ कहने से परहेज किया था।

ट्रंप ने वेंस के दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए कहा कि वह इसे ‘सैन्य संघर्ष’ कहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग इसे युद्ध नहीं मानते और अमेरिका के लिए यह कोई बड़ी बात नहीं है।

ट्रंप के इस बयान को लेकर अमेरिका में राजनीतिक बहस तेज हो गई है, क्योंकि ईरान के साथ सैन्य टकराव कई महीनों से जारी बताया जा रहा है।

अमेरिकी सैनिकों की मौत और अरबों डॉलर का खर्च

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस संघर्ष पर अमेरिकी करदाताओं के 37.5 अरब डॉलर से अधिक खर्च हो चुके हैं और 18 अमेरिकी सैनिकों की जान गई है।

इसी संदर्भ में ट्रंप से सवाल किया गया कि जब अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है, तो इस संघर्ष को ‘छोटी बात’ कैसे कहा जा सकता है।

ट्रंप ने जवाब में अमेरिका के पिछले युद्धों से तुलना की और कहा कि मौजूदा संघर्ष में अमेरिकी सैनिकों की मौत की संख्या उन युद्धों की तुलना में काफी कम है।

वियतनाम युद्ध से की तुलना

ट्रंप ने ईरान संघर्ष की तुलना वियतनाम युद्ध से करते हुए कहा कि वियतनाम में अमेरिका को भारी सैन्य नुकसान उठाना पड़ा था।

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रीय अभिलेखागार के अनुसार, वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिकी सशस्त्र बलों के 58,220 जवानों की मृत्यु हुई थी। इसलिए ट्रंप द्वारा अलग-अलग संघर्षों के आंकड़ों की तुलना को उनके संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

जमीन पर अमेरिकी सैनिक नहीं उतारने का दावा

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान में अमेरिका और इजरायल ने मुख्य रूप से हवाई हमलों का इस्तेमाल किया है और जमीन पर बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक तैनात नहीं किए गए हैं।

उन्होंने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान का भी उल्लेख किया और कहा कि वहां अमेरिका को कोई सैनिक नहीं गंवाना पड़ा, जबकि ईरान संघर्ष में 18 सैनिकों की मौत हुई है।

ईरान का परमाणु कार्यक्रम निष्क्रिय करने का दावा

जब पत्रकार ने अमेरिकी सैनिकों की मौत के बावजूद संघर्ष को ‘छोटी बात’ बताने पर सवाल उठाया, तो ट्रंप ने अपनी बात दोहराई।

उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से ईरान का परमाणु कार्यक्रम निष्क्रिय हो गया है। ट्रंप पहले भी ईरान के परमाणु ढांचे को नुकसान पहुंचाने और सैन्य अभियान की सफलता को लेकर दावे करते रहे हैं।

इन दावों और सैन्य कार्रवाई के वास्तविक प्रभाव को लेकर अमेरिका और ईरान की ओर से अलग-अलग बयान सामने आते रहे हैं।

मध्यावधि चुनाव से पहले बयान ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा

ट्रंप और जेडी वेंस का यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक हैं। रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में अपनी बहुमत की स्थिति बनाए रखने की कोशिश कर रही है।

ऐसे में ईरान के साथ लंबे समय से जारी सैन्य संघर्ष, अमेरिकी सैनिकों की मौत और इस अभियान पर होने वाला भारी खर्च अमेरिकी मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।