अहमदाबाद से उज्जैन अब सिर्फ 6 घंटे में! सिंहस्थ से पहले गुजरात-MP के बीच तैयार होगा नया फोर-लेन कॉरिडोर

Ujjain-Garoth Expressway: मध्य प्रदेश के उज्जैन से गुजरात के अहमदाबाद तक का सफर आने वाले समय में पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो सकता है। उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने वाले उज्जैन-गरोठ फोर-लेन मार्ग (NH-752D) का निर्माण तेजी से चल रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

अहमदाबाद से उज्जैन की दूरी तय होगी कम समय में

फिलहाल उज्जैन से अहमदाबाद जाने के लिए झाबुआ-दाहोद वाले पुराने मार्ग का इस्तेमाल किया जाता है। करीब 420 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर यातायात और कई हिस्सों में धीमी सड़क व्यवस्था के कारण यात्रा में लगभग 9 से 10 घंटे लग जाते हैं।

उज्जैन-गरोठ मार्ग के तैयार होने के बाद यह गरोठ के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ जाएगा। परियोजना से जुड़े विवरण के अनुसार, नए मार्ग पर 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति संभव होने पर अहमदाबाद-उज्जैन यात्रा का समय करीब 5.5 से 6 घंटे तक आने की उम्मीद है।

इससे मौजूदा मार्ग की तुलना में यात्रियों के करीब 3 से 4 घंटे बच सकते हैं।

इंदौर, देवास, रतलाम और मंदसौर को भी फायदा

इस नए सड़क गलियारे का लाभ केवल उज्जैन और अहमदाबाद तक सीमित नहीं रहेगा। इंदौर और देवास जैसे शहर उज्जैन रिंग रोड से जुड़े होने के कारण दिल्ली और गुजरात की ओर जाने वाले यातायात को इस मार्ग से बेहतर संपर्क मिल सकेगा।

वहीं रतलाम और मंदसौर सहित मालवा क्षेत्र के लोगों के लिए भी अहमदाबाद और वडोदरा जैसे गुजरात के प्रमुख शहरों तक पहुंचना आसान हो सकता है।

इन क्षेत्रों से होकर गुजरेगा मार्ग

उज्जैन-गरोठ कॉरिडोर में उज्जैन, महिदपुर, घटिया, बड़ोद, आलोट, सुवासरा, शामगढ़ और गरोठ जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद यह मार्ग मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच एक महत्वपूर्ण सड़क संपर्क के रूप में विकसित हो सकता है।

सिंहस्थ-2028 को देखते हुए परियोजना महत्वपूर्ण

उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 को देखते हुए भी इस सड़क परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गुजरात और देश के अन्य हिस्सों से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध होने से यात्रा सुगम हो सकती है।

गरोठ के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव होने के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले वाहनों को उज्जैन तक पहुंचने के लिए बेहतर मार्ग मिल सकेगा।

करीब ₹2,600 करोड़ की परियोजना, 90% काम पूरा होने का दावा

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब ₹2,600 करोड़ की लागत से बन रहे इस 136.1 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और परियोजना अंतिम चरण में है।

निर्माण पूरा होने के बाद मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच सड़क परिवहन अधिक तेज और सुगम होने की उम्मीद है।

नोट: 5.5-6 घंटे की यात्रा अवधि और 90% निर्माण कार्य पूरा होने जैसे आंकड़े उपलब्ध परियोजना विवरण पर आधारित हैं। वास्तविक यात्रा समय मार्ग की अंतिम स्थिति, यातायात, गति प्रतिबंध और परियोजना के पूर्ण रूप से चालू होने पर निर्भर करेगा।