
Middle East Secret Military Meeting: ईरान के साथ बढ़ते तनाव और हूती हमलों के बढ़ते खतरे के बीच अमेरिका, इजरायल और आठ अरब देशों के शीर्ष सैन्य अधिकारियों की जर्मनी में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह हुई इस बैठक में मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति, सैन्य सहयोग बढ़ाने और मौजूदा संकट से निपटने के तरीकों पर चर्चा की गई।
जर्मनी में हुई गुप्त बैठक
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक का आयोजन अमेरिकी सेंटकॉम कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने किया था। बैठक में इजरायल के अलावा सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और मिस्र के शीर्ष सैन्य कमांडर शामिल हुए।
खास बात यह है कि बैठक में कुछ ऐसे अरब देश भी शामिल थे, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इससे मध्य पूर्व में बदलते सुरक्षा समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बैठक में अमेरिका ने कथित तौर पर यह स्पष्ट किया कि ईरानी हमलों के बावजूद वह मध्य पूर्व से अपनी सैन्य मौजूदगी हटाने की योजना नहीं बना रहा है।
इजरायल और अरब देशों के बीच बढ़ रहा सैन्य समन्वय
वर्ष 2020 में हुए अब्राहम समझौतों के बाद इजरायल और कुछ अरब देशों के बीच सुरक्षा एवं सैन्य सहयोग बढ़ा है। ईरान के साथ संघर्ष के दौरान इजरायल ने UAE को उसकी हवाई सुरक्षा क्षमता मजबूत करने में सहायता दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, इसमें आयरन डोम प्रणाली, उसके संचालन के लिए तकनीकी सहायता तथा वास्तविक समय की खुफिया जानकारी और निगरानी (ISR) से जुड़ा सहयोग शामिल रहा है।
हूती हमलों के बीच सऊदी अरब से भी बातचीत
यमन के हूती विद्रोहियों की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच अमेरिका के सेंटकॉम के माध्यम से इजरायल और सऊदी अरब के बीच भी सुरक्षा संबंधी बातचीत चलने की बात सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, चर्चा इस बात पर केंद्रित है कि इजरायल सऊदी अरब के सैन्य अभियानों और सुरक्षा व्यवस्था में किस तरह सहायता कर सकता है।
मध्य पूर्व में ईरान, इजरायल, अमेरिका और हूती गतिविधियों से जुड़े तनाव के बीच इस तरह का सैन्य समन्वय क्षेत्र के बदलते सुरक्षा समीकरणों को दर्शाता है। हालांकि, गुप्त बैठक में लिए गए किसी संभावित सैन्य फैसले या आगे की कार्रवाई के बारे में सार्वजनिक रूप से विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।



