अमेरिका में भारतीयों को एक और झटका: वर्क परमिट का 540 दिनों का ऑटोमैटिक एक्सटेंशन खत्म

US Work Permit Rule: अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने इमिग्रेंट्स के वर्क परमिट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। दी गई रिपोर्ट के अनुसार, विभाग ने उस नीति को समाप्त करने का फैसला लिया है, जिसके तहत कई इमिग्रेंट्स अपने वर्क परमिट की अवधि समाप्त होने के बाद भी रिन्यूअल आवेदन लंबित रहने पर अधिकतम 540 दिनों तक काम जारी रख सकते थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह नया अंतिम नियम 14 अक्टूबर को फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित होने के साथ ही लागू हो गया। इस बदलाव से उन विदेशी कामगारों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है, जो अपने रोजगार को जारी रखने के लिए वर्क परमिट के समय पर नवीनीकरण पर निर्भर हैं।

नए नियम में क्या बदलाव किए गए हैं?

नए नियम के तहत वर्क परमिट के ऑटोमैटिक एक्सटेंशन से संबंधित व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इसके प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:

1. वर्क परमिट का ऑटोमैटिक एक्सटेंशन खत्म

पहले पात्र आवेदकों को वर्क परमिट के नवीनीकरण का आवेदन लंबित रहने के दौरान कुछ शर्तों के तहत अधिकतम 540 दिनों तक काम करने की अनुमति मिल सकती थी। नए नियम के अनुसार, यह ऑटोमैटिक एक्सटेंशन अब समाप्त कर दिया गया है।

इसका मतलब है कि जिन आवेदकों पर नया नियम लागू होगा, उनके लिए केवल रिन्यूअल आवेदन लंबित होने के आधार पर काम करने की अनुमति जारी रहना सुनिश्चित नहीं होगा। यदि मौजूदा वर्क परमिट की अवधि समाप्त हो जाती है और किसी अन्य लागू प्रावधान के तहत काम करने की अनुमति नहीं मिलती, तो संबंधित व्यक्ति को काम रोकना पड़ सकता है।

2. रिन्यूअल के लिए आवेदन करने की समय-सीमा

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि विदेशी कामगार अपने वर्क परमिट की समाप्ति से 180 दिन पहले से अधिक समय रहते नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे।

इस बदलाव के कारण आवेदकों को अपने वर्क परमिट की समाप्ति की तारीख पर विशेष ध्यान देना होगा और निर्धारित समय-सीमा के भीतर रिन्यूअल प्रक्रिया पूरी करने की योजना बनानी होगी।

540 दिनों के एक्सटेंशन की व्यवस्था क्यों शुरू की गई थी?

540 दिनों तक के ऑटोमैटिक एक्सटेंशन की व्यवस्था का उद्देश्य अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) में आवेदन प्रक्रिया के दौरान होने वाली देरी से विदेशी कामगारों को राहत देना था। कई मामलों में वर्क परमिट के नवीनीकरण में लंबा समय लग जाता था। ऐसे में आवेदन लंबित रहने के कारण कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने या काम रोकने की स्थिति का सामना न करना पड़े, इसलिए यह व्यवस्था लागू की गई थी।

हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा प्रशासन के दौरान इमिग्रेंट्स के लिए वर्क परमिट प्राप्त करने और उसका नवीनीकरण कराने से जुड़े नियमों में सख्ती बढ़ाई गई है। नए बदलाव को भी इसी व्यापक नीतिगत बदलाव के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

किन लोगों पर पड़ेगा असर? USCIS के पास कितने आवेदन लंबित हैं?

इस बदलाव का असर उन इमिग्रेंट्स पर पड़ सकता है, जो रोजगार की अनुमति के लिए एम्प्लॉयमेंट ऑथराइजेशन डॉक्यूमेंट (EAD) पर निर्भर हैं। इनमें शरण मांगने वाले आवेदक (Asylum Seekers) और H-1B वीजा धारकों के जीवनसाथी, यानी H-4 वीजा धारक भी शामिल हैं।

ऐसे आवेदकों के लिए वर्क परमिट का समय पर नवीनीकरण महत्वपूर्ण हो जाएगा। यदि आवेदन पर निर्णय आने से पहले मौजूदा परमिट की अवधि समाप्त हो जाती है, तो उन्हें काम जारी रखने के लिए किसी अन्य वैध अनुमति या लागू अपवाद की आवश्यकता हो सकती है।

दूसरी ओर, रिपोर्ट में बताया गया है कि USCIS अभी भी बड़ी संख्या में लंबित आवेदनों से जूझ रहा है। एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, 30 जून तक 4,32,000 से अधिक वर्क परमिट रिन्यूअल आवेदन छह महीने या उससे अधिक समय से लंबित थे। वहीं, 91,000 से अधिक आवेदन 18 महीने से भी ज्यादा समय से मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहे थे।

आवेदन प्रक्रिया में इतनी लंबी देरी के बीच ऑटोमैटिक एक्सटेंशन की व्यवस्था समाप्त होने से पात्र आवेदकों के सामने रोजगार जारी रखने को लेकर अनिश्चितता बढ़ सकती है।

DHS का मानना है कि एक्सटेंशन की अवधि सीमित करने से आवेदकों की पात्रता और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की नियमित तथा अधिक विस्तृत जांच करने में मदद मिलेगी। हालांकि, लंबित आवेदनों की संख्या को देखते हुए यह बदलाव आवेदकों और उनके नियोक्ताओं के लिए अतिरिक्त चुनौतियां पैदा कर सकता है।

नए नियम को लेकर कानूनी विवाद भी

वर्क परमिट के ऑटोमैटिक एक्सटेंशन से संबंधित नीति को लेकर पहले से ही कानूनी विवाद चल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में H-4 वीजा धारकों के एक समूह ने अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया था।

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि ऑटोमैटिक एक्सटेंशन की अवधि कम करने का फैसला एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसीजर एक्ट (Administrative Procedure Act) का उल्लंघन करता है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले महीने कैलिफोर्निया की एक संघीय अदालत ने संबंधित अंतरिम नियम को याचिकाकर्ताओं के खिलाफ लागू करने पर सीमित रोक लगाई थी। अदालत ने अपने आदेश में इस बात पर ध्यान दिया था कि एजेंसी ने आवश्यक प्रक्रिया का उचित तरीके से पालन नहीं किया था।

इस कानूनी विवाद के कारण नियम के क्रियान्वयन और उसके अलग-अलग आवेदकों पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने के लिए संबंधित अदालती आदेशों तथा लागू प्रावधानों को ध्यान में रखना जरूरी है।

भारतीय कामगारों और परिवारों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

अमेरिका में काम करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए वर्क परमिट का नवीनीकरण उनकी नौकरी और आय से सीधे जुड़ा हुआ है। आवेदन लंबित रहने के दौरान ऑटोमैटिक एक्सटेंशन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में कुछ आवेदकों को काम रोकना पड़ सकता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और रोजगार पर असर पड़ सकता है।

हालांकि, इस नियम का प्रभाव हर वीजा धारक या हर EAD आवेदक पर एक जैसा नहीं होगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित व्यक्ति किस श्रेणी में आता है, उसका आवेदन कब दाखिल हुआ और उस पर कौन-से नियम या अपवाद लागू होते हैं।

इसलिए प्रभावित लोगों को अपने वर्क परमिट की समाप्ति तिथि, रिन्यूअल आवेदन की स्थिति और लागू नियमों की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से करनी चाहिए।