
World News: जापान के दक्षिणी द्वीप क्यूशू में आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। जापान सरकार के अनुसार, इस आपदा में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। कई इमारतों के ढह जाने से लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है और दूसरे दिन भी राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
कुमामोटो में सबसे ज्यादा नुकसान
रिपोर्टों के अनुसार, भूकंप का सबसे अधिक असर कुमामोटो प्रांत के काशिमा टाउन में देखा गया। यहां स्थित एक एयॉन मॉल की इमारत ढह गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इमारत गिरने के बाद गैस रिसाव हुआ, जिससे जोरदार विस्फोट हो गया।
बचाव दल ने मलबे से चार लोगों को घायल अवस्था में बाहर निकाला है, जबकि कई अन्य लोगों के अब भी फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
फैक्ट्री की चिमनी गिरी, कर्मचारी दबने की आशंका
यात्सुशिरो क्षेत्र में एक औद्योगिक इकाई की विशाल चिमनी गिरने से कई कर्मचारियों के मलबे में दबे होने की आशंका है। राहत एवं बचाव दल मौके पर अभियान चला रहे हैं।
प्रशासन ने कुमामोटो और आसपास के क्षेत्रों में 2.6 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
सुनामी की चेतावनी वापस, लेकिन आफ्टरशॉक का खतरा बरकरार
भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने सुनामी की चेतावनी जारी की थी, जिसे बाद में स्थिति का आकलन करने के बाद वापस ले लिया गया।
हालांकि, अधिकारियों ने अगले दो से तीन दिनों तक आफ्टरशॉक आने की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
तीनों परमाणु ऊर्जा संयंत्र सुरक्षित
जापान सरकार के अनुसार, भूकंप से कई सड़कें, पुल और इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने और आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
हालांकि राहत की बात यह है कि देश के तीनों परमाणु ऊर्जा संयंत्र सुरक्षित हैं और वहां किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।
भूकंप के बाद कई ऑटोमोबाइल कंपनियों ने एहतियात के तौर पर अपना उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है। वहीं, जापान के रक्षा मंत्रालय ने राहत एवं बचाव कार्यों में सहायता के लिए सेना को भी तैनात कर दिया है।
