गुजरात में विभिन्न बारिश की प्रणालियां सक्रिय, अगले 7 दिनों तक सामान्य बारिश का अनुमान; सौराष्ट्र-कच्छ में अब भी 26% बारिश की कमी

Gujarat Weather Update: गुजरात के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, फिलहाल डिप्रेशन, मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन जैसी कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इसके चलते गुजरात में अगले 7 दिनों तक सामान्य बारिश होने की संभावना है।

इस मानसून सीजन में अब तक पूरे राज्य में औसतन 680.18 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके बावजूद राज्य में सामान्य से करीब 2% बारिश की कमी बनी हुई है। चिंता की बात यह है कि सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में बारिश की कमी अभी भी काफी अधिक है, जहां करीब 26% कम बारिश दर्ज हुई है।

अगले 7 दिनों तक सामान्य बारिश का अनुमान

अहमदाबाद मौसम विभाग के अनुसार, गुजरात के आसपास कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से अगले 7 दिनों तक बारिश की संभावना बनी रहेगी।

इनमें एक डिप्रेशन उत्तर झारखंड के ऊपर बना हुआ है। इसके अलावा फिरोजपुर और करनाल से होकर इस डिप्रेशन की ओर मानसून ट्रफ सक्रिय है। एक अन्य ट्रफ मध्य प्रदेश से दक्षिण गुजरात की ओर गुजर रही है, जबकि राजस्थान के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी बना हुआ है।

इन सभी प्रणालियों के प्रभाव से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

गुजरात में सीजन की 74.84% बारिश दर्ज

मौजूदा मानसून सीजन में गुजरात में अब तक कुल 680.18 मिमी, यानी औसतन 74.84% बारिश दर्ज की जा चुकी है।

क्षेत्रवार स्थिति देखें तो दक्षिण गुजरात में अब तक सीजन की 102.57% बारिश हो चुकी है। वहीं कच्छ में सिर्फ 29.25% बारिश दर्ज हुई है।

18 अगस्त सुबह 6 बजे से 19 अगस्त सुबह 6 बजे तक पिछले 24 घंटों में तापी के निजार में 11 मिमी और डांग के वघई में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा राज्य के 18 तालुकाओं में हल्की बारिश हुई।

मौसम विभाग ने 20 अगस्त तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी भी जारी की है।

नर्मदा बांध 88% भरा, 41 बांध हाई अलर्ट पर

बारिश के चलते गुजरात के जलाशयों में भी जलस्तर में सुधार हुआ है। राज्य की जीवनरेखा माने जाने वाले सरदार सरोवर नर्मदा बांध में उसकी कुल क्षमता का 88.31% जलसंग्रह हो चुका है।

राज्य के अन्य 206 जलाशयों में कुल 65.86% जलसंग्रह दर्ज किया गया है। इनमें से 27 जलाशय 100% भर चुके हैं, जबकि 41 बांधों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।