
Sujay Vikhe Patil: महाराष्ट्र के अहमदनगर-मनमाड हाईवे का लंबे समय से अटका निर्माण कार्य इन दिनों राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बना हुआ है। सड़क के अधूरे काम को लेकर पूर्व सांसद और भाजपा नेता सुजय विखे पाटील के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने सड़क निर्माण में हो रही देरी के लिए सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वैश्विक संकट को जिम्मेदार ठहराया है।
डोनाल्ड ट्रंप और वैश्विक संकट को बताया देरी का कारण
महाराष्ट्र के भाजपा नेता सुजय विखे पाटील ने अहमदनगर-मनमाड हाईवे के निर्माण में देरी के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वैश्विक संकट को जिम्मेदार बताया।
अहिल्यानगर में बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ सैन्य संघर्ष के कारण दुनियाभर में कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके चलते सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोलियम आधारित उत्पादों की कमी पैदा हुई है।
हाईवे के अधूरे काम को लेकर हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “मैंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसा पागल आदमी कभी नहीं देखा।”
डामर की कमी से हाईवे का काम रुका होने का दावा
भाजपा नेता ने तर्क दिया कि डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और युद्धों के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। उनका दावा है कि इसी वजह से सड़क निर्माण के लिए जरूरी डामर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए डामर अब सीधे दिल्ली से मंगवाना पड़ रहा है। इसके कारण कई सड़कों के निर्माण कार्य प्रभावित हुए हैं और अहमदनगर-मनमाड हाईवे भी इससे प्रभावित हुआ है।
इसी दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि इस हाईवे का रुका हुआ काम केवल सुजय विखे पाटील ही पूरा करा सकते हैं।
विपक्ष ने साधा निशाना
सुजय विखे पाटील के बयान के बाद विपक्ष को भाजपा पर हमला करने का एक और मुद्दा मिल गया है। महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति सचिन आहिर ने इस बयान पर तंज कसते हुए कहा, “भले ही आप डोनाल्ड ट्रंप को बुला लाएं, लेकिन किसी भी तरह अहमदनगर-मनमाड सड़क का काम तुरंत पूरा कराएं।”
लंबे समय से खराब है हाईवे की हालत
गौरतलब है कि अहमदनगर-मनमाड हाईवे लंबे समय से खराब स्थिति में है। सड़क की बदहाल हालत के कारण दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। स्थानीय लोग जल्द से जल्द सड़क का निर्माण पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
ऐसे में सड़क निर्माण में देरी के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वैश्विक संकट को जिम्मेदार ठहराने वाला यह बयान अब राजनीतिक बहस और आलोचना का विषय बन गया है।



