
GOBARdhan Scheme: केंद्र सरकार ने देश में बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23,731 करोड़ रुपये की लागत वाली राष्ट्रीय एकीकृत संपीड़ित बायोगैस (CBG) योजना ‘गोबरधन’ को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य देश में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) के उत्पादन को लगभग 10 गुना बढ़ाना और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। माना जा रहा है कि सरकार 10 अगस्त, विश्व जैव ईंधन दिवस के अवसर पर इस योजना की औपचारिक शुरुआत कर सकती है।
क्या है ‘गोबरधन’ योजना?
गोबरधन (Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan) योजना की शुरुआत वर्ष 2018 में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत की गई थी। इस योजना के अंतर्गत पशुओं के गोबर, कृषि अवशेष और अन्य जैविक कचरे को प्रोसेस कर बायोगैस, कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) और जैविक खाद में बदला जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा मिलता है और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
अगले 10 वर्षों तक चलेगी योजना
सरकार के अनुसार, यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी। इसके तहत नए बायोगैस प्रोजेक्ट्स को अधिक पूंजीगत सब्सिडी, बेहतर खरीद मूल्य और अन्य प्रोत्साहन दिए जाएंगे। कृषि अवशेष, पशुओं का गोबर और शहरी जैविक कचरे का उपयोग ईंधन और जैविक खाद बनाने में किया जाएगा।
CBG उत्पादन बढ़ाने पर जोर
सरकार का लक्ष्य देश में CBG उत्पादन को 10 गुना बढ़ाना और इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निजी निवेश आकर्षित करना है। इससे परिवहन, उद्योग और घरेलू क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही, पेट्रोलियम और अन्य जीवाश्म ईंधनों के आयात पर भारत की निर्भरता भी कम होगी।
CNG और PNG में होगा बायोगैस का मिश्रण
योजना के तहत भविष्य में CNG और PNG में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) का मिश्रण किया जाएगा। इसके लिए देशभर में 600 से 700 नए बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाने की योजना है। सरकार इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सुनिश्चित मांग, उचित मूल्य, सब्सिडी और पाइपलाइन अवसंरचना जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी।



