
US Military Drills: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेंटागन को दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास का आकार और दायरा काफी कम करने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘Truth Social’ पर पोस्ट कर इस फैसले की जानकारी दी। यह घोषणा वार्षिक सैन्य अभ्यास शुरू होने से कुछ घंटे पहले की गई। ट्रंप ने कहा कि अब अभ्यास को पूरी तरह रद्द करना संभव नहीं है, लेकिन अमेरिका का इसमें शामिल होने के लिए पहले सहमत होना उन्हें पसंद नहीं है।
उत्तर कोरिया से संबंध और सैन्य अभ्यास की लागत पर सवाल
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने फैसले के पीछे उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपने संबंधों का भी हवाला दिया। ट्रंप के मुताबिक, यह वार्षिक सैन्य अभ्यास काफी महंगा है और इसका बड़ा हिस्सा अमेरिका को वहन करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अभ्यास उत्तर कोरिया के लिए एक अनुचित और शत्रुतापूर्ण संकेत भेजता है।
चूंकि अभ्यास को अंतिम समय में रद्द करना संभव नहीं था, इसलिए ट्रंप ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को संयुक्त सैन्य अभ्यास का आकार और दायरा ‘काफी कम’ करने का निर्देश दिया।
ईरान के मुद्दे पर दक्षिण कोरिया के रुख से नाराजगी
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में दक्षिण कोरिया को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्होंने हाल ही में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्यांग से पूछा था कि क्या दक्षिण कोरिया ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के अमेरिकी अभियान में शामिल होगा। ट्रंप के अनुसार, दक्षिण कोरिया ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया।
इसी के साथ ट्रंप ने सैन्य अभ्यास को कम करने के अपने फैसले को उत्तर कोरिया के साथ अपने संबंधों और दक्षिण कोरिया के ईरान संबंधी रुख से जोड़ा।
17 अगस्त से शुरू होना था ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ अभ्यास
अमेरिका और दक्षिण कोरिया का वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ (Ulchi Freedom Shield) 17 से 27 अगस्त तक आयोजित किया जाना है। इस 11 दिवसीय अभ्यास में करीब 18,000 दक्षिण कोरियाई सैनिक शामिल हैं।
इस बार के अभ्यास में उत्तर कोरिया के संभावित ड्रोन हमलों, GPS सिग्नल जैमिंग और साइबर हमलों जैसी आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उत्तर कोरिया लगातार करता रहा है विरोध
उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विरोध करता रहा है। प्योंगयांग इन अभ्यासों को अपने खिलाफ हमले की तैयारी और युद्ध का पूर्वाभ्यास बताता है।
हाल के दिनों में उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण भी किए हैं। ऐसे समय में ट्रंप द्वारा संयुक्त सैन्य अभ्यास का दायरा कम करने के फैसले से अमेरिका-दक्षिण कोरिया रक्षा संबंधों और कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा नीति को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।



