राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट, SIT की फाइनल रिपोर्ट में 8 आरोपियों के नाम

Ram Mandir Daan Chori: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और अनियमितताओं के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दिए जाने की जानकारी सामने आई है। उत्तर प्रदेश गृह विभाग ने SIT की अंतिम रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए ट्रस्ट को सौंप दी है।

8 आरोपियों के नाम रिपोर्ट में शामिल

SIT की अंतिम रिपोर्ट में कुल 8 आरोपियों के नाम शामिल हैं। इन सभी को मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ आरोपों की पुष्टि नहीं हुई, जबकि दोनों के नाम अंतिम रिपोर्ट में आरोपियों के तौर पर शामिल नहीं हैं।

गौरतलब है कि मामला सामने आने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर सवाल उठे थे। बाद में दोनों ने ट्रस्ट में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।

योगी सरकार ने 13 जून को बनाई थी SIT

इस मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। इस टीम का नेतृत्व लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने किया था। टीम में आईजी (रेंज) किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार शामिल थे।

SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसी प्रारंभिक जांच के आधार पर 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।

25 जून को दर्ज हुई थी FIR

श्री राम जन्मभूमि थाना में दर्ज FIR में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के नाम शामिल हैं।

इन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में अलग जांच भी जारी

इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT की अंतिम रिपोर्ट सामने आने के बावजूद मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित दूसरी SIT भी मामले की जांच कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में जांच की स्थिति रिपोर्ट पेश करने और जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने का निर्देश दिया है। अदालत ने SIT की स्टेटस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग को भी स्वीकार नहीं किया।

इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार की SIT द्वारा चंपत राय और अनिल मिश्रा को दी गई क्लीन चिट को मामले पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली जांच अभी जारी है।