भावनगर में लट्ठाकांड, 6 की मौत: अहमदाबाद से केमिकल लाकर वरतेज में ‘मौत’ पैक की, 51 पेटियां बेची गईं

Bhavnagar Hooch Tragedy: शराबबंदी वाले गुजरात में एक बार फिर जहरीली शराब ने लोगों की जान ले ली है। भावनगर शहर और ग्रामीण इलाकों में कथित तौर पर खुलेआम बेची गई केमिकलयुक्त जहरीली नकली शराब पीने से 6 युवकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि करीब 21 लोग गंभीर हालत में अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। घटना के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है। गृह विभाग ने मामले की जांच स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) को सौंप दी है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

रॉयल स्टैग की बोतलों में ‘मौत का मिश्रण’: 38.59% जहरीला मेथनॉल

बूटलेगरों ने कथित तौर पर ब्रांडेड रॉयल स्टैग शराब की खाली बोतलें, ढक्कन और स्टिकर हासिल कर उनमें मेथनॉल मिश्रित जहरीला तरल भरा था। FSL और मेडिकल जांच में सामने आया कि जहरीली शराब से प्रभावित 10 मरीजों के रक्त और यूरिन सैंपल में करीब 38.59% घातक मेथनॉल पाया गया। सामान्य अल्कोहल में मौजूद इथेनॉल की मात्रा केवल 0.94% थी।

पुलिसकर्मी की पार्टी से सामने आया लट्ठाकांड

पूरे मामले की जानकारी एक पुलिसकर्मी की ओर से दी गई पार्टी के बाद सामने आई। 18 अगस्त को भावनगर जिले के सभी पुलिस स्टेशनों को LCB की ओर से सतर्क किया गया था।

खरकड़ी गांव में रहने वाले विजय़राजसिंह गोहिल के पुलिस भर्ती में चयन होने के बाद उन्होंने अपने दोस्तों उपेंद्रसिंह गंभीरसिंह गोहिल, हरपालसिंह प्रदीपसिंह गोहिल और जयदीपसिंह राजेंद्रसिंह गोहिल को पार्टी दी थी। जयदीपसिंह को छोड़कर बाकी तीन दोस्तों ने रॉयल स्टैग शराब पी थी। इनमें उपेंद्रसिंह की 18 अगस्त को मौत हो गई।

अहमदाबाद-वरतेज-उज्जैन कनेक्शन: शराब बनाने वाला खुद भी पी गया

पुलिस जांच के अनुसार, आर्थिक लाभ के लिए कथित तौर पर एक सिंडिकेट बनाकर यह पूरा नेटवर्क चलाया जा रहा था। वरतेज के नए प्लॉट इलाके की आंबलीवाली शेरी में रहने वाले बूटलेगर गौतम सोलंकी और रईस के बीच भावनगर में नकली शराब बनाने की डील हुई थी।

अहमदाबाद के सरखेज इलाके से सफेद लिक्विड, खाली बोतलें, ढक्कन, स्टिकर और मेथनॉल मंगाया गया था। केमिकल का मिश्रण तैयार करने के लिए उज्जैन से नरेंद्रसिंह उर्फ ‘डॉक्टर’ नाम के व्यक्ति को बुलाया गया था।

चौंकाने वाली बात यह है कि केमिकल मिलाने वाले नरेंद्रसिंह ने कथित तौर पर खुद भी यह जहरीली शराब पी ली। 17 अगस्त को उसकी तबीयत बिगड़ी और 18 अगस्त को उसकी मौत हो गई।

51 पेटियां बेची गईं, 21 आरोपियों के खिलाफ मामला

ट्रांसपोर्ट से सामान पहुंचने के बाद गौतम के घर पर पहले चरण में कथित तौर पर 51 पेटी नकली शराब तैयार की गई। इसके बाद अलग-अलग बूटलेगरों के जरिए यह शराब गांवों तक पहुंचाई गई।

वरतेज पुलिस ने PI एस.बी. पढ़ेरिया की शिकायत पर 21 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में शामिल बताए गए प्रमुख नामों में गौतम सोलंकी, रईस, मनोज, जतिन सोलंकी, गणेश, अमन, जुबेर, नरेंद्रसिंह उर्फ डॉक्टर (मृतक), धर्मेंद्रसिंह गोहिल, जगदीप कनैयालाल, विवेक सोलंकी, अर्जुनसिंह, संजय चावड़ा, जयदीप मकवाणा, बार्बव कनैयालाल, हेवल सोलंकी, रोहितभाई चौहान, केवेल सोलंकी, सुखदेव सोलंकी और हार्दिक बारैया शामिल हैं।

वरतेज पुलिस के 4 कर्मचारी सस्पेंड

जिला पुलिस अधीक्षक ने वरतेज पुलिस स्टेशन के 4 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है:

  1. बीट जमादार धर्मपालसिंह बहादुरसिंह गोहिल
  2. डी-स्टाफ के जयराजसिंह प्रकाशसिंह
  3. अनिरुद्धसिंह जयवंतसिंह गोहिल
  4. धर्मपालसिंह बहादुरसिंह गोहिल

गांधीनगर से स्टेट मॉनिटरिंग सेल के SP मयूर चावड़ा के नेतृत्व में टीम भावनगर पहुंची है। टीम IG जे. राजू अंसारी के साथ मिलकर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने और आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई कर रही है।

गुजरात में पहले भी हुए बड़े लट्ठाकांड

  • 2009, अहमदाबाद: ओढव, बापूनगर और कागड़ापीठ इलाके में जहरीली शराब से 140 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और 200 से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी।
  • 2016, सूरत: वरली में जहरीली शराब पीने से 16 से अधिक श्रमिकों की मौत हुई थी।
  • 2022, बोटाद: बरवाला और राणपुर तालुका के रोजिद गांव में केमिकल कांड में 40 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
  • जनवरी 2024, दहेगाम: लीहोडा गांव में जहरीली शराब से 2 लोगों की मौत हुई थी।
  • फरवरी 2025, नडियाद: जवाहर नगर इलाके में जहरीली शराब से 3 लोगों की मौत हुई थी।
  • अगस्त 2026, भावनगर: मौजूदा घटना में 6 लोगों की मौत और 21 से अधिक लोग इलाजरत बताए जा रहे हैं।