
India Sugar Stock Limit: भारत दुनिया में चीनी का सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है। अगस्त से नवंबर के बीच गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के कारण देश में चीनी की मांग तेजी से बढ़ती है। त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग और महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने चीनी के स्टॉक से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है।
अब एक महीने में 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का इस्तेमाल या कारोबार करने वाले डीलर 15 दिनों से ज्यादा का स्टॉक अपने पास नहीं रख सकेंगे। यह नया नियम 1 सितंबर से लागू होगा और 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। सरकार का उद्देश्य बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों को नियंत्रित रखना है।
त्योहारों में जमाखोरी रोकने के लिए स्टॉक लिमिट आधी
त्योहारी सीजन में घरों के अलावा बिस्किट, मिठाई और अन्य खाद्य प्रसंस्करण कंपनियां बड़े पैमाने पर चीनी खरीदती हैं। व्यापारियों द्वारा जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा न किया जाए और जमाखोरी के कारण कीमतों में वृद्धि न हो, इसके लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
पहले व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा 30 दिन थी। कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहने के बाद अब इसे घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
चीनी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले एक महीने में चीनी की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उद्योग संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को देश में चीनी की औसत एक्स-मिल कीमत ₹5,400 से ₹5,500 प्रति क्विंटल रही, जबकि एक साल पहले यह करीब ₹3,900 प्रति क्विंटल थी।
वहीं, खुदरा बाजार में 18 अगस्त को चीनी की औसत कीमत ₹52.30 प्रति किलोग्राम पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी समय यह ₹46.34 प्रति किलोग्राम थी। यानी सालाना आधार पर खुदरा कीमत में करीब 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नई फसल और कम बारिश को लेकर चिंता
चीनी का नया सीजन 1 अक्टूबर से शुरू होता है, लेकिन इस बार शुरुआती स्टॉक को लेकर चिंता बनी हुई है। उद्योग के अनुमान के मुताबिक, नए सीजन की शुरुआत में करीब 40 से 42 लाख टन चीनी उपलब्ध हो सकती है, जबकि देश की घरेलू जरूरत लगभग 50 लाख टन है।
इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में कम बारिश और शुष्क मौसम के कारण गन्ने की फसल प्रभावित होने की आशंका है। इससे आने वाले समय में चीनी उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।
मौजूदा सीजन में क्या है स्थिति?
मौजूदा 2025-26 सीजन में देश में कुल चीनी उपलब्धता करीब 320 लाख टन रहने का अनुमान है। इसके मुकाबले घरेलू खपत लगभग 285 लाख टन रहने की संभावना है।
करीब 7 लाख टन निर्यात के बाद सीजन के अंत में लगभग 35 लाख टन चीनी का स्टॉक बचने का अनुमान है।
खाद्य मंत्रालय चीनी के स्टॉक पर लगातार नजर रख रहा है। चीनी मिलों को ऑनलाइन फॉर्म और सत्यापित ई-मेल आईडी के जरिए बिक्री एवं उठाव की सही जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सरकार के पास देश में चीनी के वास्तविक स्टॉक की सटीक जानकारी बनी रहे।



