म्यूचुअल फंड निवेशकों में हर चार में से एक महिला, कुल संपत्ति बढ़कर ₹15.88 लाख करोड़

Mutual Fund News: म्यूचुअल फंड में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। महिलाएं अब सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए नियमित रूप से निवेश कर रही हैं। युवा महिलाएं इक्विटी फंड में अधिक निवेश कर रही हैं, जबकि उम्र बढ़ने के साथ उनका रुझान हाइब्रिड और डेट फंड जैसे अपेक्षाकृत संतुलित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहा है।

AMFI-Crisil Factbook 2026 के अनुसार, मार्च 2026 तक म्यूचुअल फंड निवेशकों में करीब 26.4% महिलाएं हैं। यानी हर चार निवेशकों में लगभग एक महिला है। देश में करीब 6.09 करोड़ निवेशकों में से लगभग 1.61 करोड़ महिलाएं हैं।

पांच साल में महिलाओं की म्यूचुअल फंड संपत्ति करीब तीन गुना

म्यूचुअल फंड में महिलाओं की कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) पिछले पांच वर्षों में लगभग तीन गुना बढ़कर ₹15.88 लाख करोड़ हो गई है। मार्च 2021 में यह आंकड़ा ₹5.84 लाख करोड़ था।

यानी पांच वर्षों में महिलाओं के निवेश की कुल संपत्ति में करीब ₹10.04 लाख करोड़ की वृद्धि हुई है। व्यक्तिगत निवेशकों के कुल AUM में भी महिलाओं की हिस्सेदारी 32.6% से बढ़कर 34.5% हो गई है।

छोटे शहरों में भी बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी

महिला निवेशकों की बढ़ती हिस्सेदारी अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। मार्च 2026 में T30 शहरों की महिलाओं का कुल AUM में करीब 74% हिस्सा था, जबकि B30 शहरों की हिस्सेदारी 26% रही।

पांच साल पहले B30 शहरों की हिस्सेदारी करीब 23% थी। इससे संकेत मिलता है कि छोटे शहरों और कस्बों की महिलाएं भी म्यूचुअल फंड निवेश की ओर तेजी से बढ़ रही हैं।

SIP में महिलाओं का निवेश लगभग चार गुना बढ़ा

महिलाओं के बीच SIP की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ी है। महिला निवेशकों का SIP AUM मार्च 2021 में ₹1.26 लाख करोड़ था, जो मार्च 2026 में बढ़कर ₹4.73 लाख करोड़ हो गया।

इस दौरान महिलाओं के कुल AUM में SIP की हिस्सेदारी भी 15.2% से बढ़कर 29.8% हो गई। यह बताता है कि महिलाएं नियमित और अनुशासित निवेश को पहले की तुलना में अधिक प्राथमिकता दे रही हैं।

इक्विटी फंड में बढ़ा महिलाओं का निवेश

मार्च 2021 से मार्च 2026 के बीच महिलाओं के निवेश पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।

  • इक्विटी फंड: 49% से बढ़कर 64%
  • पैसिव फंड: 3% से बढ़कर करीब 7%
  • डेट फंड: 24% से घटकर करीब 8%

यानी महिला निवेशकों का झुकाव अब इक्विटी और लंबी अवधि के निवेश की ओर अधिक दिखाई दे रहा है।

लंबी अवधि के निवेश की ओर बढ़ा रुझान

महिलाओं के निवेश की अवधि में भी महत्वपूर्ण बदलाव आया है। पांच साल से अधिक अवधि वाले निवेशों की हिस्सेदारी मार्च 2021 के 5% से बढ़कर 24% हो गई।

वहीं, एक साल से कम अवधि वाले निवेशों की हिस्सेदारी भी 11% से बढ़कर 24% हुई है। दूसरी ओर, 1 से 2 साल की अवधि वाले निवेशों की हिस्सेदारी 35% से घटकर 19% रह गई।

कुल मिलाकर आंकड़े बताते हैं कि महिला निवेशकों की संख्या और संपत्ति दोनों तेजी से बढ़ रही हैं। साथ ही, वे उम्र और जीवन के अलग-अलग चरणों के अनुसार अपनी जोखिम क्षमता और निवेश रणनीति में बदलाव करते हुए पोर्टफोलियो को संतुलित कर रही हैं।