
Kharg Island Attack: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 अगस्त की रात Truth Social पर दावा किया कि ईरान के रणनीतिक तेल केंद्र खार्ग द्वीप को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि खार्ग द्वीप को “उड़ा दिया जा रहा है।” हालांकि, खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हमले की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने Truth Social पर केवल एक लाइन लिखी—“Kharg Island being blown to smithereens!!! President DJT”। इसके साथ पोस्ट किए गए वीडियो में खार्ग द्वीप को भारी विस्फोटों के बीच दिखाया गया था। Reuters के अनुसार वीडियो सिंथेटिक/AI-generated होने की पुष्टि हुई है।
इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि अमेरिका ने खार्ग द्वीप को वास्तव में पूरी तरह तबाह कर दिया है। अमेरिकी प्रशासन की ओर से भी इस दावे की तत्काल स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई।
खार्ग द्वीप इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
खार्ग द्वीप ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्रों में से एक है। युद्ध शुरू होने से पहले ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का करीब 90% हिस्सा इस द्वीप से संभाला जाता था। इसलिए अगर इस तेल टर्मिनल को वास्तविक नुकसान पहुंचता है, तो ईरान के तेल निर्यात और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
हालांकि, जहाजों की निगरानी करने वाली कंपनियों के अनुसार खार्ग का संचालन 31 जुलाई से काफी हद तक निष्क्रिय रहा है और उसके लोडिंग बर्थ लंबे समय से खाली दिखाई दे रहे हैं।
असली अमेरिकी हमला खार्ग पर नहीं, लारक द्वीप पर हुआ
इसी घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अमेरिकी सेना ने वास्तव में ईरान के लारक द्वीप पर हमला किया था, खार्ग द्वीप पर नहीं।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, 30 अगस्त को अमेरिकी बलों ने लारक द्वीप पर ईरान के दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिकी पक्ष का कहना था कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स इन लॉन्चरों के जरिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी कर रहे थे। यह कई हफ्तों बाद ईरान के खिलाफ अमेरिका की पहली सार्वजनिक रूप से स्वीकार की गई सैन्य कार्रवाई थी।
ईरान ने किया पलटवार
लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की एयर डिफेंस ने कई मिसाइलों को हवा में ही रोकने का दावा किया।
इस घटनाक्रम के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव फिर से तेज हो गया है और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ग्लोबल ऑयल मार्केट पर असर
खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने के कारण ट्रंप के बयान ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ा दी है। Reuters के अनुसार, बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया और वैश्विक बाजारों में भी दबाव दिखाई दिया।
अगर खार्ग के तेल बुनियादी ढांचे पर वास्तविक हमला या गंभीर नुकसान की पुष्टि होती है, तो कच्चे तेल की सप्लाई, शिपिंग, बीमा लागत और दुनिया भर में ईंधन की कीमतों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
महत्वपूर्ण अपडेट
खार्ग द्वीप पर हमले का ट्रंप का दावा अभी अपुष्ट है। साझा किया गया वीडियो AI-generated है। दूसरी ओर, लारक द्वीप पर अमेरिकी सैन्य हमला स्वतंत्र रिपोर्टों से पुष्ट है। इसलिए खबर में दोनों घटनाओं को अलग-अलग रखना जरूरी है।



