गुजरातियों ने ₹23,381 करोड़ का सोना गिरवी रखा, पर्सनल लोन से ज्यादा पसंद कर रहे गोल्ड लोन

Gujarat Gold Loan Trend: गुजरात में आर्थिक जरूरतों और अचानक आने वाले खर्चों को पूरा करने के लिए सोना गिरवी रखकर लोन लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। ताजा वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के लोगों ने बैंकों और फाइनेंस कंपनियों के पास करीब ₹23,381 करोड़ का सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लिया है। कारोबार में नकदी की कमी, बढ़ती महंगाई, मेडिकल खर्च और बच्चों की पढ़ाई जैसे कारणों से खासतौर पर मध्यम और उच्च-मध्यम वर्ग गोल्ड लोन की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

कम कागजी कार्रवाई और तुरंत लोन ने बढ़ाई लोकप्रियता

गोल्ड लोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी आसान और तेज प्रक्रिया है। अन्य कई तरह के कर्ज की तुलना में इसमें कम दस्तावेजों की जरूरत होती है और सोने की कीमत के आधार पर अपेक्षाकृत जल्दी लोन मिल जाता है।

सरकारी और निजी बैंकों के साथ-साथ NBFC कंपनियां भी गोल्ड लोन को लेकर आक्रामक तरीके से ग्राहकों तक पहुंच रही हैं। आकर्षक ब्याज दरों और आसान प्रक्रिया ने इस विकल्प को और लोकप्रिय बनाया है।

वहीं, सोने की कीमतों में लगातार तेजी का भी गोल्ड लोन बाजार को फायदा मिला है। सोने की कीमत बढ़ने से ग्राहकों को अपने पास मौजूद आभूषणों के बदले पहले की तुलना में अधिक रकम का लोन मिल सकता है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, गोल्ड लोन में डिफॉल्ट करने वाले ग्राहकों की संख्या में भी कमी देखने को मिली है।

बदल गई लोगों की सोच, अब सोना बना ‘फाइनेंशियल बैकअप’

कुछ साल पहले तक सोना गिरवी रखना सामाजिक और आर्थिक मजबूरी से जोड़कर देखा जाता था। लेकिन अब लोगों की सोच में बड़ा बदलाव आया है। लोग सोने को केवल आभूषण या बचत के रूप में रखने के बजाय जरूरत के समय तुरंत नकदी जुटाने का साधन मानने लगे हैं।

यही वजह है कि आर्थिक संकट, कारोबार में पूंजी की जरूरत या अचानक बड़े खर्च के समय लोग अपने सोने के बदले लोन लेना ज्यादा सुविधाजनक समझ रहे हैं।

पर्सनल और व्हीकल लोन से आगे निकला गोल्ड लोन

गुजरात में कर्ज लेने के विकल्पों को देखें तो गोल्ड लोन की मांग तेजी से बढ़ी है। कई लोगों के लिए पर्सनल लोन और व्हीकल लोन की तुलना में गोल्ड लोन ज्यादा आसान और तेज विकल्प बन गया है।

₹23,381 करोड़ के सोने के गिरवी रखे जाने का आंकड़ा बताता है कि गुजरात में गोल्ड लोन का बाजार कितना बड़ा हो चुका है। बदलती आर्थिक जरूरतों और सोने की ऊंची कीमतों के बीच आने वाले समय में भी इस क्षेत्र में तेजी बने रहने की संभावना है।