एंटीबायोटिक का कोर्स बीच में छोड़ना पड़ सकता है भारी, बढ़ रहा ‘साइलेंट किलर’ एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस का खतरा

Danger Of Incomplete Antibiotic Course: बुखार या संक्रमण की दवा शुरू करने के बाद दो-तीन दिन में आराम मिलते ही कई लोग एंटीबायोटिक लेना बंद कर देते हैं। लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक का सेवन बीच में रोकना या गलत तरीके से लेना संक्रमण के इलाज को मुश्किल बना सकता है। इसके अलावा, एंटीबायोटिक का अनावश्यक या गलत इस्तेमाल एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) को बढ़ावा दे सकता है, जिसमें बैक्टीरिया दवाओं के प्रति कम संवेदनशील हो जाते हैं।

दवा से आराम मिलते ही एंटीबायोटिक बंद करना क्यों खतरनाक?

कई बार मरीज को कुछ खुराक लेने के बाद ही संक्रमण के लक्षणों में राहत मिलने लगती है। ऐसे में मरीज को लगता है कि बीमारी पूरी तरह ठीक हो गई है और वह दवा बंद कर देता है।

लेकिन एंटीबायोटिक कितने समय तक और कितनी मात्रा में लेनी है, यह संक्रमण, मरीज की स्थिति और इस्तेमाल की जा रही दवा पर निर्भर करता है। डॉक्टर द्वारा निर्धारित एंटीबायोटिक को अपनी मर्जी से कम करना, बीच में रोकना या दोबारा शुरू करना उचित नहीं है।

गलत तरीके से एंटीबायोटिक लेने से संक्रमण पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकता और भविष्य में उसी तरह के संक्रमण का इलाज अधिक मुश्किल हो सकता है।

कमजोर बैक्टीरिया खत्म, मजबूत बैक्टीरिया बच सकते हैं

गुजरात राज्य फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष के हवाले से बताया गया है कि एंटीबायोटिक का गलत या अधूरा इस्तेमाल बैक्टीरिया में दवा के खिलाफ प्रतिरोध विकसित होने की समस्या को बढ़ा सकता है।

ऐसे में संवेदनशील बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं, जबकि कुछ प्रतिरोधी बैक्टीरिया बच सकते हैं और आगे चलकर उसी दवा का असर कम हो सकता है। इसका परिणाम यह हो सकता है कि सामान्य संक्रमण के इलाज के लिए भी अलग या अधिक प्रभावी एंटीबायोटिक की जरूरत पड़े।

जरूरत से ज्यादा शक्तिशाली एंटीबायोटिक का इस्तेमाल भी चिंता का विषय

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की समस्या केवल मरीजों द्वारा दवा बीच में छोड़ने तक सीमित नहीं है। बिना जरूरत एंटीबायोटिक लेना, गलत एंटीबायोटिक चुनना, गलत डोज लेना और डॉक्टर की सलाह के बिना दवा का इस्तेमाल करना भी इस समस्या को बढ़ा सकता है।

कुछ मामलों में ऐसी शिकायतें सामने आती हैं कि सामान्य संक्रमण में भी अत्यधिक शक्तिशाली या नई पीढ़ी की एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि मरीज की स्थिति में इसकी आवश्यकता नहीं होती।

इस तरह के अनावश्यक इस्तेमाल से उन महत्वपूर्ण एंटीबायोटिक्स की प्रभावशीलता पर भी असर पड़ सकता है, जिनका इस्तेमाल गंभीर संक्रमण के इलाज में किया जाता है।

बिना प्रिस्क्रिप्शन एंटीबायोटिक लेना बढ़ा रहा खतरा

मेडिकल स्टोर से बिना उचित चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक लेना भी एक गंभीर समस्या है। कई लोग पुराने प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर खुद ही दवा शुरू कर देते हैं या किसी परिचित की सलाह पर एंटीबायोटिक खरीद लेते हैं।

हर बुखार या संक्रमण बैक्टीरिया के कारण नहीं होता। वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक आम तौर पर काम नहीं करते। ऐसे में बिना जरूरत एंटीबायोटिक लेना मरीज को फायदा पहुंचाने के बजाय दवा प्रतिरोध की समस्या को बढ़ा सकता है।

राजकोट और सौराष्ट्र में AMR को लेकर चिंता

राजकोट और सौराष्ट्र क्षेत्र में मरीजों के पेशाब, रक्त और पस के नमूनों की प्रयोगशाला जांच में एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को लेकर चिंता सामने आने की बात कही गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ संक्रमणों में पहले इस्तेमाल की जाने वाली एंटीबायोटिक दवाओं का असर कम देखने को मिल रहा है। एम्पिसिलिन, सिप्रोफ्लॉक्सासिन और लेवोफ्लॉक्सासिन जैसी दवाओं के प्रति प्रतिरोध के मामले स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन रहे हैं।

अगर एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस लगातार बढ़ता रहा, तो सामान्य संक्रमणों का इलाज भी मुश्किल हो सकता है। इसका असर अस्पतालों में होने वाले ऑपरेशन, सीजेरियन और अन्य चिकित्सा प्रक्रियाओं के बाद होने वाले संक्रमणों के इलाज पर भी पड़ सकता है।

एंटीबायोटिक लेते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • एंटीबायोटिक सिर्फ डॉक्टर की सलाह से लें।
  • आराम मिलने के बाद दवा की अवधि या डोज अपने आप न बदलें।
  • बची हुई पुरानी एंटीबायोटिक दोबारा खुद से शुरू न करें।
  • किसी दूसरे व्यक्ति की प्रिस्क्रिप्शन वाली एंटीबायोटिक न लें।
  • वायरल बीमारी में बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक न लें।
  • दवा से एलर्जी या गंभीर साइड इफेक्ट दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • डॉक्टर ने दवा बंद करने या बदलने को कहा है तो उसी सलाह का पालन करें।

महत्वपूर्ण: एंटीबायोटिक का सही इस्तेमाल संक्रमण के इलाज के साथ-साथ भविष्य में दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया के बढ़ते खतरे को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।