
RTE Gujarat: अहमदाबाद में राइट टू एजुकेशन (RTE) एक्ट के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों के लिए राहत की खबर सामने आई है। शैक्षणिक सत्र का आधा हिस्सा बीत जाने के बावजूद सहायता राशि नहीं मिलने से अभिभावकों में नाराजगी थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने कदम उठाते हुए सभी जिलों के लिए छात्र सहायता की ग्रांट मंजूर कर दी।
अहमदाबाद में ग्रांट जारी होने के बाद 78,666 बच्चों को एक ही दिन में ₹3,000 की सहायता राशि ट्रांसफर की गई। हालांकि, 80 फीसदी से कम उपस्थिति वाले 7,176 बच्चे इस सहायता से वंचित रह गए।
अहमदाबाद के 78,666 बच्चों को मिली ₹23.59 करोड़ की सहायता
शिक्षा विभाग की ओर से ग्रांट जारी होते ही अहमदाबाद शहर के 78,666 बच्चों के खातों में सहायता राशि का भुगतान किया गया।
RTE के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों को सरकार की ओर से हर साल ₹3,000 की सहायता दी जाती है। यह राशि यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्टेशनरी और परिवहन जैसे शैक्षणिक खर्चों में मदद के लिए दी जाती है।
अहमदाबाद के 78,666 विद्यार्थियों के लिए:
78,666 × ₹3,000 = ₹23,59,98,000
यानी करीब ₹23.60 करोड़ की सहायता राशि जारी की गई।
इसके अलावा, RTE के तहत निजी स्कूलों को भी प्रत्येक विद्यार्थी के लिए ₹13,500 की फीस प्रतिपूर्ति सरकार की ओर से की जाती है।
ऑनलाइन पोर्टल से भुगतान में तेजी और पारदर्शिता
अहमदाबाद शहर DEO कार्यालय ने विद्यार्थियों और स्कूलों से संबंधित भुगतान के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए भुगतान प्रक्रिया काफी तेज हुई है और अब एक क्लिक के माध्यम से बड़ी संख्या में भुगतान किए जा सकते हैं।
पहले सहायता राशि जारी करने के लिए फिजिकल चेक तैयार करने पड़ते थे। उस व्यवस्था को लेकर समय पर ग्रांट जारी नहीं होने और अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आती रही थीं।
पुरानी प्रक्रिया के कारण कुछ विद्यार्थियों को कथित तौर पर दो-तीन साल तक सहायता नहीं मिल पाती थी। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद अहमदाबाद में एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को सहायता भुगतान किए जाने का दावा किया गया है।
80% से कम उपस्थिति वाले 7,176 बच्चे सहायता से बाहर
दूसरी ओर, RTE सहायता से जुड़े नियम के तहत कम से कम 80 फीसदी उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को ही ₹3,000 की वार्षिक सहायता का लाभ मिलता है।
संबंधित स्कूलों द्वारा उपलब्ध कराए गए उपस्थिति रिकॉर्ड के आधार पर अहमदाबाद शहर में इस साल 7,176 विद्यार्थियों की उपस्थिति 80 फीसदी से कम पाई गई।
इसी वजह से इन विद्यार्थियों को ₹3,000 की सहायता नहीं मिल सकी।
यानी जहां 78,666 बच्चों को सहायता राशि मिलने से राहत मिली है, वहीं 7,176 बच्चों के लिए कम उपस्थिति नियम आर्थिक सहायता में बाधा बन गया है।



