
Janmashtami 2026: अहमदाबाद में नौकरी और कारोबार के सिलसिले में रहने वाले सौराष्ट्रवासियों के लिए सातम-आठम का त्योहार अपने गांव-शहर लौटने का खास मौका होता है। मिनी वेकेशन शुरू होते ही बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए वतन की ओर रवाना हो रहे हैं।
सालभर कामकाज के कारण परिवार से दूर रहने वाले लोगों के लिए दिवाली और सातम-आठम जैसे त्योहार माता-पिता, भाई-बहन और रिश्तेदारों के साथ समय बिताने का अवसर देते हैं। इस बार ट्रेनों में बुकिंग फुल होने और वेटिंग लिस्ट बढ़ने के कारण यात्रियों का दबाव बसों पर बढ़ गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, अहमदाबाद से सौराष्ट्र जाने वाली करीब 80% ST बसों और 70% निजी ट्रैवल्स की सीटें पहले ही भर चुकी हैं।
यात्रियों की मजबूरी, निजी बसों का किराया दोगुना तक
त्योहार के चलते राजकोट, भावनगर, जूनागढ़, अमरेली और पोरबंदर जैसे प्रमुख रूटों पर ज्यादातर बसें हाउसफुल हो गई हैं।
आम दिनों में निजी बसों का किराया करीब ₹500 से ₹700 रहता है, लेकिन सातम-आठम के दौरान मांग बढ़ने से कई रूटों पर किराया बढ़कर ₹800 से ₹1,200 तक पहुंच गया है। यानी यात्रियों को सामान्य किराए की तुलना में डेढ़ से दो गुना तक अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।
इसके बावजूद त्योहार पर घर पहुंचने की इच्छा के चलते यात्री महंगा किराया देने को तैयार हैं। पहले से एडवांस बुकिंग कराने वालों की संख्या अधिक होने के कारण आखिरी समय पर टिकट लेने वालों के लिए पसंदीदा समय, सीट और बस मिलना मुश्किल हो गया है।
किस रूट पर कितना किराया?
| रूट | मौजूदा निजी किराया | सामान्य किराया | ST किराया |
|---|---|---|---|
| अमरेली | ₹800–1,100 | ₹500–600 | ₹214–452 |
| राजकोट | ₹500–1,000 | ₹500–600 | ₹181–547 |
| जामनगर | ₹600–1,300 | ₹600–850 | ₹236–799 |
| द्वारका | ₹700–1,300 | ₹600–850 | ₹312–1,182 |
| पोरबंदर | ₹850–1,100 | ₹750–900 | ₹287–427 |
| वेरावल | ₹800–1,300 | ₹600–800 | ₹302–1,242 |
| भावनगर | ₹700–1,100 | ₹500–600 | ₹160–430 |
| बोटाद | ₹500–1,000 | ₹500–600 | ₹159–297 |
ST निगम ने चलाईं करीब 9,500 अतिरिक्त ट्रिप
रक्षाबंधन और सातम-आठम के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए ST निगम ने पहले से विशेष व्यवस्था की है। इसके तहत अतिरिक्त बसें लगाकर करीब 9,500 विशेष ट्रिप संचालित की जा रही हैं।
इसके बावजूद त्योहार के दिनों में यात्रियों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि कई ST बसें भी पूरी तरह भर गई हैं। ऐसे में आखिरी समय पर टिकट लेने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



