
Piyush Goyal On India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने भारत का रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत तभी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देगा, जब अमेरिका उसके प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में भारतीय उत्पादों को अधिक अनुकूल टैरिफ दर उपलब्ध कराएगा।
गोयल के मुताबिक, भारत के लिए यह जरूरी है कि अमेरिका की व्यापार नीति में भारतीय निर्यातकों को चीन, वियतनाम और बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले नुकसान न हो।
अनुकूल टैरिफ मिलने पर ही अंतिम होगी डील
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से जुड़े एक कार्यक्रम में पियूष गोयल ने कहा कि जब अमेरिका भारत के प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में भारतीय उत्पादों के लिए बेहतर टैरिफ देने को तैयार होगा, तभी BTA (Bilateral Trade Agreement) को अंतिम रूप दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की ओर से अंतिम रूप दिए जाने वाले व्यापार समझौते का पूरा विवरण बाद में सार्वजनिक किया जाएगा। सरकार का मानना है कि बेहतर व्यापार समझौते से भारतीय कारोबारियों और निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में नए अवसर मिल सकते हैं।
कई देशों के साथ व्यापार समझौतों की तैयारी
पियूष गोयल ने बताया कि भारत आने वाले महीनों और वर्षों में कई अन्य देशों एवं क्षेत्रीय समूहों के साथ भी व्यापार समझौते करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इनमें कनाडा, मेक्सिको, चिली, मर्कोसुर, SACU, GCC और इजरायल शामिल हैं।
मर्कोसुर दक्षिण अमेरिका का प्रमुख क्षेत्रीय आर्थिक एवं व्यापारिक संगठन है। वहीं SACU (Southern African Customs Union) दक्षिणी अफ्रीका का सीमा शुल्क संघ है और GCC (Gulf Cooperation Council) में पश्चिम एशिया के छह देश शामिल हैं।
सितंबर के अंत में अमेरिका जा सकते हैं गोयल
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के बीच अमेरिका में भारत के राजदूत सर्जियो गोर ने 2 सितंबर को बताया था कि पियूष गोयल इस महीने के अंत में अमेरिका की यात्रा कर सकते हैं।
गोयल वहां G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के साथ-साथ भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर भी चर्चा कर सकते हैं।
सर्जियो गोर के अनुसार, दोनों देश अपने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और व्यापार समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है।



