Ahmedabad Child Marriage 2026: 11 साल की बच्ची की शादी मंडप में पुलिस पहुंची, 17 वर्षीय दूल्हा भी नाबालिग

Ahmedabad Child Marriage: अहमदाबाद के नरोड़ इलाके में एक नाबालिग लड़की की शादी कराए जाने का मामला सामने आने के बाद 181 अभयम और संबंधित टीमों ने समय रहते कार्रवाई कर विवाह रुकवा दिया। जानकारी के अनुसार, शादी के लिए 17 वर्षीय नाबालिग लड़के की बारात भी पहुंच चुकी थी और विवाह की रस्में शुरू होने वाली थीं। तभी एक जागरूक नागरिक की सूचना पर टीम मौके पर पहुंच गई।

पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच में लड़की की उम्र सिर्फ 11 वर्ष और लड़के की उम्र 17 वर्ष सामने आई। इसके बाद बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

माता-पिता ने उम्र छिपाने की कोशिश की

सूचना मिलने के बाद 181 अभयम की टीम तत्काल विवाह स्थल पर पहुंची। टीम ने परिवार से बच्ची की उम्र के बारे में पूछताछ की। शुरुआती तौर पर माता-पिता ने लड़की के बालिग होने की बात बताई, लेकिन पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच करने पर वास्तविक उम्र सामने आ गई।

दोनों पक्षों के नाबालिग होने की जानकारी मिलने के बाद विवाह की प्रक्रिया तत्काल रोक दी गई।

बच्ची को सुरक्षा के लिए पुलिस थाने ले जाया गया। बाद में संबंधित विभागों की मौजूदगी में उसका बयान लिया गया और उसे चिल्ड्रन होम फॉर गर्ल्स भेज दिया गया।

कई विभागों ने मिलकर की कार्रवाई

मामले में बाल विवाह निषेध अधिकारी, जिला समाज सुरक्षा अधिकारी की टीम, जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), 181 अभयम और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।

परिजनों की काउंसलिंग भी की गई। काउंसलिंग के बाद परिवार ने कथित तौर पर अपनी गलती स्वीकार की और बच्ची के बालिग होने तक उसकी शादी नहीं कराने का आश्वासन दिया।

परिवार में पहले भी 3 नाबालिग बेटियों की शादी का दावा

मामले की आगे की पूछताछ में एक और गंभीर जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। जांच के दौरान पता चला कि परिवार की तीन बड़ी बेटियों की भी कथित तौर पर नाबालिग उम्र में शादी कराई जा चुकी है।

बताया गया कि ये तीनों बेटियां अभी भी कानूनी रूप से नाबालिग हैं, जबकि परिवार अब चौथी 11 वर्षीय बेटी की शादी कराने की तैयारी कर रहा था।

पूछताछ में माता-पिता ने कथित तौर पर अपने बचाव में कहा कि उनके समाज में लड़कियों की कम उम्र में शादी कराने की परंपरा है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी सामाजिक प्रथा या परंपरा के आधार पर बाल विवाह को कानूनी मान्यता नहीं मिलती।

बाल विवाह कानून के तहत कार्रवाई

बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत नाबालिगों की शादी कराना प्रतिबंधित है। कानून के अनुसार, बाल विवाह से जुड़े मामलों में विवाह कराने, उसमें सहायता करने या उसे बढ़ावा देने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

इस मामले में पुलिस और संबंधित बाल संरक्षण एजेंसियां आगे की जांच कर रही हैं। पहले की तीन शादियों को लेकर भी जांच में यदि कोई कानूनी उल्लंघन सामने आता है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जा सकती है।

अहमदाबाद में समय रहते मिली सूचना के कारण 11 वर्षीय बच्ची की शादी रुक गई और उसे सुरक्षित संरक्षण में लिया गया। गुजरात में 181 अभयम जैसी हेल्पलाइन महिलाओं और बच्चों से जुड़े संकट के मामलों में सहायता उपलब्ध कराती है।