राम मंदिर दान चोरी मामला: चंपत राय और अनिल मिश्रा आरोपी नहीं, 133 गवाहों वाली चार्जशीट में बड़ा खुलासा

Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और अनियमितताओं के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच में पूर्व ट्रस्ट पदाधिकारी चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी नहीं बनाया गया, बल्कि उन्हें अभियोजन पक्ष के गवाहों की सूची में शामिल किया गया है। चार्जशीट में कुल 133 गवाहों का उल्लेख है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा समेत 3 लोग गवाह बनाए गए

पुलिस की चार्जशीट के अनुसार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को इस मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है। जांच में इन लोगों के खिलाफ आपराधिक संस्तुति नहीं की गई और उन्हें गवाह के तौर पर शामिल किया गया है।

चार्जशीट में कुल 133 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। इनमें ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी, कर्मचारी और पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

3 और 4 जून को सामने आई थीं चोरी की घटनाएं

जांच के अनुसार दान की रकम की गिनती के दौरान नकदी को कथित तौर पर हटाने या छिपाने की घटनाएं सामने आई थीं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर कई घटनाओं की जांच की।

एक महत्वपूर्ण घटना 4 जून को सामने आई, जब दान की गिनती वाले स्थान के बाथरूम से कथित तौर पर 2.25 लाख रुपये बरामद हुए। जांच एजेंसियों के अनुसार इसी घटनाक्रम के बाद मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ी।

सीसीटीवी में कई घटनाएं रिकॉर्ड

जांच में मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई। अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने नकदी को कथित रूप से अनधिकृत तरीके से हटाने या चोरी में मदद करने से जुड़ी 105 से अधिक घटनाओं की पहचान की है। विस्तृत चार्जशीट में इससे अधिक सीसीटीवी संदर्भ भी बताए गए हैं।

पुलिस ने जांच के दौरान नकदी की बरामदगी, बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों को भी साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है।

8 लोगों को बनाया गया आरोपी

चार्जशीट में कुल 8 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें दान की गिनती से जुड़े कर्मचारी और अन्य व्यक्ति शामिल हैं। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात और भ्रष्टाचार निवारण कानून समेत विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है।

करीब ₹79.85 लाख की नकदी बरामद

जांच के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से कुल करीब 79.85 लाख रुपये की नकदी बरामद करने की जानकारी दी है। एक रिपोर्ट के अनुसार यह रकम सात आरोपियों से जुड़ी बरामदगी के रूप में दर्ज की गई है। नकदी अलग-अलग स्थानों से बरामद होने की बात भी चार्जशीट में सामने आई है।

बैंक में रकम पहुंचने के चरण में चोरी का सबूत नहीं

जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती से लेकर बैंक में जमा होने तक की प्रक्रिया से जुड़ा था। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार जांचकर्ताओं ने बैंक तक रकम पहुंचने के चरण में कथित चोरी का सबूत नहीं पाया। जांच का मुख्य फोकस गिनती और रकम के अलग-अलग किए जाने की प्रक्रिया पर रहा।

मामले की मौजूदा स्थिति

राम मंदिर दान चोरी मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अदालत में दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी के बजाय गवाह बनाए जाने की बात चार्जशीट की प्रमुख बातों में शामिल है। हालांकि, अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी का निर्धारण अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

नोट: यह मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा है। चार्जशीट में दर्ज आरोप और जांच एजेंसी के निष्कर्षों को अदालत द्वारा दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।