
Gujarat Sports News: गुजरात के खेल जगत से जुड़ी एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। केंद्रीय खेल मंत्रालय के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में किए गए डोप परीक्षणों में गुजरात के 13 खिलाड़ी प्रतिबंधित प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवाओं (डोपिंग पदार्थों) का सेवन करते पाए गए हैं। इस खुलासे ने राज्य के खेल तंत्र और खिलाड़ियों के मार्गदर्शन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किन खेलों के खिलाड़ी अधिक प्रभावित?
जानकारी के अनुसार, एथलेटिक्स (दौड़ और लंबी कूद) तथा वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में डोपिंग के मामले अधिक सामने आए हैं। इन खेलों में बेहतर प्रदर्शन, अधिक ताकत और सहनशक्ति हासिल करने के उद्देश्य से कुछ खिलाड़ी प्रतिबंधित दवाओं या इंजेक्शन का उपयोग करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी दवाओं का इस्तेमाल मांसपेशियों के तेजी से विकास, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने, थकान कम करने और प्रदर्शन सुधारने के लिए किया जाता है, लेकिन इससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।
तीन वर्षों में 13 खिलाड़ी डोप टेस्ट में पॉजिटिव
केंद्रीय खेल मंत्रालय के अनुसार, खिलाड़ियों के प्रदर्शन में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए नियमित रूप से डोप परीक्षण किए जाते हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गुजरात में डोप टेस्ट के दौरान:
- 2024: 6 खिलाड़ी पॉजिटिव पाए गए।
- 2025: 5 खिलाड़ी पॉजिटिव पाए गए।
- 2026: 2 खिलाड़ी पॉजिटिव पाए गए।
इस प्रकार तीन वर्षों में कुल 13 खिलाड़ियों के डोपिंग टेस्ट पॉजिटिव आए।
डोपिंग क्यों करते हैं खिलाड़ी?
विशेषज्ञों के अनुसार, खिलाड़ी विभिन्न कारणों से प्रतिबंधित पदार्थों का सेवन करते हैं, जैसे—
- मांसपेशियों की ताकत और विकास बढ़ाने के लिए।
- शरीर में ऑक्सीजन की क्षमता बढ़ाकर थकान कम करने के लिए।
- त्वरित ऊर्जा और प्रदर्शन में सुधार के लिए।
- कुछ मामलों में वजन नियंत्रित करने या प्रतिबंधित पदार्थों के प्रभाव को छिपाने के प्रयास में।
खेल व्यवस्था पर उठे सवाल
डोपिंग के मामलों के सामने आने के बाद खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, जागरूकता और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ियों को प्रतिबंधित दवाओं, सप्लीमेंट्स और एंटी-डोपिंग नियमों के बारे में नियमित परामर्श और प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है।
सरकार की तैयारी और चुनौतियां
एक ओर गुजरात 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने की दिशा में प्रयास कर रहा है, वहीं दूसरी ओर डोपिंग के मामले खेल प्रशासन के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
हालांकि, केंद्रीय खेल मंत्रालय की ओर से उपलब्ध जानकारी में दोषी खिलाड़ियों पर की गई कार्रवाई या प्रतिबंध संबंधी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
