
Gujarat Liquor Ban: महात्मा गांधी और सरदार पटेल की धरती गुजरात में शराबबंदी केवल कागजों तक सीमित रह गई है। राज्य में ड्रग्स और नकली शराब का काला कारोबार जिस तरह फल-फूल रहा है, उसे लेकर गृह विभाग और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। भावनगर में लठ्ठाकांड में 6 निर्दोष नागरिकों की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है।
शराबबंदी लागू कराने में पुलिस तंत्र विफल
विपक्ष का आरोप है कि लठ्ठाकांड ने साबित कर दिया है कि राज्य में शराबबंदी लागू कराने में पुलिस तंत्र पूरी तरह विफल रहा है। बूटलेगरों में कानून का डर नहीं रह गया है। गुजरात में आज भी शराब और ड्रग्स का कारोबार कथित तौर पर बेरोकटोक चल रहा है।
विपक्ष का कहना है कि ऐसी घटनाओं के बाद पुलिस छापेमारी और गिरफ्तारियों के जरिए कार्रवाई का प्रदर्शन करती है, लेकिन कुछ समय बाद अवैध शराब के अड्डे फिर से सक्रिय हो जाते हैं।
राज्य के गृहमंत्री पर रील्स को लेकर निशाना
विपक्ष ने आरोप लगाया है कि एक तरफ राज्य के गृहमंत्री सोशल मीडिया पर रील्स और प्रचार में व्यस्त हैं, जबकि दूसरी तरफ बूटलेगरों में पुलिस और कानून का डर नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि गुजरात में शराब का कारोबार खत्म नहीं होने के पीछे कथित तौर पर ऊपर तक पहुंचने वाला ‘हफ्ता तंत्र’ जिम्मेदार है। विपक्ष ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए हैं।
युवा पीढ़ी शराब-ड्रग्स की चपेट में
विपक्ष का दावा है कि गुजरात की सीमाओं पर पर्याप्त निगरानी नहीं होने के कारण पड़ोसी राज्यों से बड़ी मात्रा में शराब राज्य में पहुंच रही है। आरोप है कि पुलिस और सत्ता तंत्र की कथित मिलीभगत तथा ‘हफ्ताराज’ के कारण नशीले पदार्थों का कारोबार बढ़ रहा है।
राज्य के अलग-अलग शहरों और जिलों में नकली शराब बनाने वाली फैक्ट्रियां पकड़े जाने का हवाला देते हुए विपक्ष ने सवाल उठाया है कि यदि अवैध कारोबार पुलिस की निगरानी के बावजूद चल रहा था, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
लठ्ठाकांड को बताया ‘मानव निर्मित हत्याकांड’
विपक्ष ने भावनगर की घटना को भाजपा सरकार के शासनकाल का एक और ‘मानव निर्मित हत्याकांड’ करार दिया है। आरोप लगाया गया है कि शराब और ड्रग्स के अवैध कारोबार के कारण कई परिवारों को अपने परिजनों को खोना पड़ रहा है।
विपक्ष ने राज्य के गृह विभाग की कार्यप्रणाली और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सरकार से शराबबंदी को प्रभावी तरीके से लागू करने और अवैध शराब के नेटवर्क पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।



