उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, 7 की मौत की खबर; कई घायल, 15 के मलबे में फंसे होने की आशंका

Kaushambi Firecracker Factory Blast: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट से पूरा इलाका दहल उठा। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के करीब 2 किलोमीटर के दायरे तक इसकी आवाज सुनाई दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे में 7 लोगों की मौत की खबर है, जबकि करीब दो दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं, करीब 15 लोगों के मलबे के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर प्रशासन की अंतिम आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

धमाके से फैक्ट्री पूरी तरह तबाह

यह हादसा कौशांबी और प्रयागराज की सीमा के पास पीपरी और पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र की सीमा में स्थित आदित्य नाम के पटाखा गोदाम में हुआ। सोमवार दोपहर करीब 11 बजे अचानक हुए जोरदार विस्फोट के बाद फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया।

धमाके के बाद आसमान में धुएं का गुबार दिखाई दिया और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए JCB से रेस्क्यू

विस्फोट इतना भीषण था कि कई लोग मलबे में दब गए। राहत टीमों द्वारा JCB और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाकर लोगों की तलाश की जा रही है।

घायलों को इलाज के लिए प्रयागराज स्थित SRN अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है। इनमें एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है।

25 से ज्यादा लोगों की हालत गंभीर होने की सूचना

हादसे में घायल कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। मलबे में दबने की वजह से कुछ लोगों के शरीर पर ईंट और सरियों से गंभीर चोटें आने की जानकारी सामने आई है।

फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार घटनास्थल पर आग और धुएं पर काबू पाने के साथ-साथ मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हैं।

पुलिस और जांच एजेंसियां मौके पर

घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है। पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट आखिर किस वजह से हुआ।

फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान जारी है और मृतकों, घायलों तथा मलबे में फंसे लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर प्रशासन की विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।