Nagaland Spurious Liquor Deaths 2026: 2 दिनों में 19 मौतें, 19 गिरफ्तार; 3,000 से ज्यादा बोतलें जब्त

Nagaland Spurious Liquor Deaths: नागालैंड में संदिग्ध मिलावटी शराब के सेवन से पिछले दो दिनों में कम से कम 19 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। मौतें मोकोकचुंग और तुएनसांग जिलों में दर्ज की गई हैं। पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। हालांकि, शराब ही मौतों का वैज्ञानिक रूप से अंतिम कारण है या नहीं, इसकी पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद होगी।

मोकोकचुंग में 8 और तुएनसांग में 11 मौतें

पुलिस के अनुसार, संदिग्ध अवैध शराब के सेवन के बाद मोकोकचुंग जिले में 8 और तुएनसांग जिले में 11 लोगों की मौत हुई है। दोनों जिलों में पिछले कुछ समय से शराब से जुड़ी मौतों की जांच चल रही थी।

नागालैंड में वर्ष 1990 से शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद अवैध शराब की बिक्री और आपूर्ति को लेकर पुलिस कार्रवाई कर रही है।

SIT ने शुरू की जांच

पुलिस ने संदिग्ध मिलावटी शराब के स्रोत और उसकी पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए Special Investigation Team (SIT) का गठन किया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब कहां तैयार हुई, उसे किसने पहुंचाया और किन लोगों ने उसके वितरण या बिक्री में भूमिका निभाई।

मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किए जाने और करीब 3,000 बोतल अवैध शराब जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।

फॉरेंसिक जांच के बाद स्पष्ट होगा मौत का कारण

पुलिस ने संदिग्ध शराब के नमूने गुवाहाटी फॉरेंसिक लैब भेजे हैं। इन नमूनों की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब में कोई जहरीला या मिलावटी पदार्थ मौजूद था या नहीं।

इसलिए फिलहाल इन मौतों को निश्चित रूप से जहरीली शराब से हुई मौत कहना जल्दबाजी होगी। पुलिस की शुरुआती जांच में शराब सेवन और मौतों के बीच संबंध सामने आया है, लेकिन अंतिम कारण वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

प्रशासन ने लोगों को दी चेतावनी

पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अज्ञात, बिना लेबल वाली या अनधिकृत शराब का सेवन नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि संदिग्ध स्रोत से मिली शराब राज्य के अन्य हिस्सों तक भी पहुंची हो सकती है।

यदि शराब पीने के बाद किसी व्यक्ति को चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, तेज सिरदर्द, उल्टी, सांस लेने में परेशानी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई है।

जांच जारी, सप्लाई नेटवर्क पर पुलिस की नजर

पुलिस अब गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर संदिग्ध शराब के स्रोत और वितरण नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। साथ ही जब्त की गई शराब और फॉरेंसिक नमूनों की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल प्रशासन का मुख्य जोर संदिग्ध शराब की आगे की बिक्री और खपत को रोकने तथा संभावित रूप से प्रभावित लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर है।