
PM CARES Fund: वित्त वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति राहत कोष (PM CARES Fund) में मिलने वाला वार्षिक योगदान घटकर ₹479.96 करोड़ रह गया। PM CARES Fund पोर्टल पर जारी ऑडिटेड वित्तीय विवरण के अनुसार, इसमें ₹479.04 करोड़ घरेलू दान से प्राप्त हुए, जबकि विदेशी दान करीब ₹92 लाख रहा।
दान में कमी के बावजूद फंड से हुआ खर्च बेहद कम रहा। इसके चलते वित्त वर्ष के अंत में PM CARES Fund का कुल बैलेंस अब तक के रिकॉर्ड स्तर ₹8,452.06 करोड़ पर पहुंच गया।
ब्याज और वापस मिली रकम से भी बढ़ी फंड की आय
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान PM CARES Fund को दान के अलावा अन्य स्रोतों से भी बड़ी राशि प्राप्त हुई।
फंड को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और नियमित बैंक खातों पर ब्याज के रूप में ₹475.14 करोड़ मिले। इसके अलावा बैंकों द्वारा काटे गए TDS के रिफंड के रूप में ₹13.49 लाख और कार्यान्वयन एजेंसियों से वापस मिली राशि के रूप में ₹324.65 करोड़ फंड में जमा हुए।
सालाना खर्च 5 साल के सबसे निचले स्तर पर
एक तरफ फंड में मिलने वाले दान में कमी आई, वहीं दूसरी तरफ वित्त वर्ष 2024-25 में फंड से होने वाला खर्च भी काफी कम रहा। पूरे साल में सिर्फ ₹87.85 लाख खर्च किए गए, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे कम है।
इसमें से ₹87.84 लाख ‘PM CARES for Children’ योजना पर खर्च हुए, जबकि ₹451 बैंक और SMS शुल्क के रूप में खर्च किए गए।
इससे पहले फंड का वार्षिक खर्च काफी अधिक रहा था। आंकड़ों के मुताबिक:
- 2023-24: ₹15.59 करोड़
- 2022-23: ₹437.87 करोड़
- 2021-22: ₹3,716.29 करोड़
- 2020-21: ₹3,976.17 करोड़
कोरोना महामारी के दौरान वित्त वर्ष 2020-21 में फंड से सबसे अधिक खर्च किया गया था।
PM CARES Fund का कुल बैलेंस ₹8,452.06 करोड़
कम खर्च और फंड में हुई आय के चलते वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में PM CARES Fund का कुल बैलेंस बढ़कर ₹8,452.06 करोड़ हो गया। यह वित्त वर्ष 2023-24 के ₹7,173.03 करोड़ के बैलेंस से करीब 17.83% अधिक है।
PM CARES Fund में सबसे ज्यादा दान कोरोना महामारी के दौरान वित्त वर्ष 2020-21 में प्राप्त हुआ था। उस वर्ष घरेलू दान से ₹7,183.77 करोड़ और विदेशी दान से ₹494.93 करोड़ मिले थे। इसके बाद के वर्षों में दान की राशि में लगातार गिरावट दर्ज की गई।
PM CARES Fund का गठन कैसे हुआ?
PM CARES Fund का गठन 27 मार्च 2020 को कोविड-19 महामारी और देशव्यापी लॉकडाउन लागू होने के कुछ ही दिनों बाद किया गया था। इसे Registration Act, 1908 के तहत एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत किया गया था।
भारत के प्रधानमंत्री इस ट्रस्ट के पदेन (Ex-officio) अध्यक्ष हैं। वहीं, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री पदेन ट्रस्टी के रूप में काम करते हैं।



