Asian Games 2026: सावन बरवाल ने मैराथन में जीता सिल्वर, 44 साल बाद भारत को मिला पदक

Sawan Barwal: भारत के धावक सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने 44 साल बाद एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन स्पर्धा में पदक हासिल किया।

जापान के इचिटाका यामाशिता ने 2:10:49 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि चीन के पेय्यू फेंग ने 2:12:13 के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। सावन गोल्ड मेडल से केवल 48 सेकंड पीछे रहे।

44 साल बाद मैराथन में भारत को पदक

नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 की पुरुष मैराथन में सावन बरवाल ने शुरुआत से ही मजबूत प्रदर्शन किया। उनका 2:11:37 का समय उनके करियर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।

भारत ने इससे पहले एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन में 1982 में पदक जीता था। इस तरह सावन का सिल्वर मेडल 44 साल बाद भारत को इस स्पर्धा में मिला पदक है।

शुरुआत से ही दौड़ में आगे रहे सावन

सावन ने रेस के शुरुआती चरण से ही अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी। 5 किलोमीटर पर वह 15:28 के समय के साथ दूसरे स्थान पर थे। इसके बाद 10 किलोमीटर तक पहुंचते-पहुंचते उन्होंने बढ़त हासिल कर ली।

15 और 20 किलोमीटर के पड़ाव पर भी सावन लगातार आगे रहे। हाफ मैराथन यानी 21.1 किलोमीटर पर उन्होंने 1:05:54 का समय दर्ज किया और उस समय भी वह शीर्ष पर थे।

25 किलोमीटर तक सावन की बढ़त बनी रही। इसके बाद 30 किलोमीटर पर जापान के यामाशिता ने उन्हें पीछे छोड़ दिया और सावन दूसरे स्थान पर आ गए।

35 किलोमीटर पर सावन ने एक बार फिर बढ़त हासिल की, लेकिन 40 किलोमीटर के बाद यामाशिता ने निर्णायक बढ़त बना ली। अंततः सावन ने सिल्वर मेडल के साथ रेस पूरी की।

विदेश में एशियन गेम्स का पहला मैराथन पदक

भारत ने एशियन गेम्स में पुरुष मैराथन का पहला पदक 1951 में जीता था। उस समय छोटा सिंह ने गोल्ड और सूरत सिंह माथुर ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था।

इसके बाद 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में एच.के. सतीराम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

सावन बरवाल का नागोया में जीता गया सिल्वर इसलिए भी खास है क्योंकि यह भारत का एशियन गेम्स में देश के बाहर पुरुष मैराथन में पहला पदक है।

इसी साल तोड़ा था 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड

सावन बरवाल ने इस साल अप्रैल में रॉटरडैम मैराथन में 2:11:58 का समय निकालकर भारत के पूर्व मैराथन धावक शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था।

शिवनाथ सिंह ने 1978 में 2:12:00 का रिकॉर्ड बनाया था। अब नागोया एशियन गेम्स में सावन ने अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड में और सुधार करते हुए 2:11:37 का समय दर्ज किया।

पुरुष मैराथन में भारत के दूसरे धावक कार्तिक करकेरा 19 प्रतिभागियों में 17वें स्थान पर रहे।