
Ahmedabad Plastic Ban: अहमदाबाद को केटल, बेगर, वायर, स्लम, गार्बेज और फ्लड फ्री बनाने जैसे अभियानों के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने की मुहिम भी चलाई जा रही है। नगर निगम की ओर से इस दिशा में कार्रवाई भी की जा रही है। इसके बावजूद प्लास्टिक का इस्तेमाल अब भी धड़ल्ले से जारी है। पिछले एक साल में शहर की दुकानों से छिपाकर रखा गया 9.56 टन से अधिक प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया गया है। यह आंकड़ा शहर में प्रतिबंधित प्लास्टिक के लगातार इस्तेमाल की स्थिति को दर्शाता है।
1.28 लाख दुकानदारों को नोटिस, 3.66 करोड़ रुपये का जुर्माना
अहमदाबाद शहर में 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल, बिक्री और उत्पादन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद सब्जी, फल और किराना सामान की बिक्री में प्लास्टिक का इस्तेमाल अब भी बड़े पैमाने पर हो रहा है।
नगर निगम के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग ने जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के बीच एक साल में 1.28 लाख से अधिक दुकानदारों को नोटिस जारी किए। इस दौरान 3.66 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा सख्त कार्रवाई के तहत 970 प्रतिष्ठानों को सील भी किया गया।
जोन के हिसाब से देखें तो पश्चिमी जोन में सबसे ज्यादा जुर्माना लगाया गया, जबकि उत्तरी जोन में सबसे अधिक प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया गया। दक्षिणी जोन में सबसे ज्यादा दुकानों और प्रतिष्ठानों को सील किया गया। वहीं मध्य और पूर्वी जोन में इस मामले में कार्रवाई अपेक्षाकृत कम रही।
15 लाख परिवारों को बांटे गए 30 लाख कपड़े के थैले
अहमदाबाद नगर निगम के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग के निदेशक विजय मिस्त्री के मुताबिक, लोगों को बाजार जाते समय प्लास्टिक की थैली मांगने के बजाय घर से कपड़े का थैला लेकर जाने की आदत डालने के उद्देश्य से 15 लाख परिवारों को 30 लाख कपड़े के थैले वितरित किए गए हैं।
उनका कहना है कि हजारों परिवारों में अब कपड़े के थैले इस्तेमाल करने की आदत विकसित हुई है। दुकानदारों पर लगाया जाने वाला जुर्माना केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक करने का एक माध्यम भी है। उनके अनुसार, कई दुकानदारों ने अब प्लास्टिक की थैलियां देना बंद कर दिया है।
व्यापारियों का सवाल- उत्पादन पर रोक क्यों नहीं?
प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल करने वाले कुछ व्यापारियों का तर्क है कि यदि प्लास्टिक की थैलियों के इस्तेमाल और बिक्री पर प्रतिबंध है, तो इनके उत्पादन पर पूरी तरह रोक क्यों नहीं लगाई जाती?
व्यापारियों का कहना है कि यदि प्लास्टिक की थैलियों का उत्पादन ही बंद कर दिया जाए, तो उनके इस्तेमाल और बिक्री का सवाल भी काफी हद तक खत्म हो सकता है।
नगर निगम का दावा- शहर के बाहर से आता है प्रतिबंधित प्लास्टिक
नगर निगम से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अहमदाबाद शहर की सीमा के भीतर प्रतिबंधित प्लास्टिक का उत्पादन करने वाली इकाइयों के खिलाफ पहले भी छापेमारी की गई है और ऐसी कई इकाइयों को बंद कराया गया है।
हालांकि, नगर निगम का दावा है कि कार्रवाई से बचने के लिए कुछ निर्माता शहर की सीमा से बाहर इकाइयां संचालित कर रहे हैं और वहीं से प्रतिबंधित प्लास्टिक की थैलियां व अन्य सामग्री अहमदाबाद में पहुंचाई जा रही हैं।



