
Gujarat BJP Internal Rift: भाजपा हाईकमान द्वारा घोषित नई राष्ट्रीय टीम में गुजरात के चार नेताओं को जगह मिलने से राज्य का राजनीतिक कद बढ़ा है। हालांकि, घोषणा की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि गुजरात के पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया।
नितिन पटेल ने नई टीम में नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं, लेकिन हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेता को बधाई देने से परहेज किया। इसके बाद भाजपा के अंदर ‘मूल भाजपाई’ बनाम ‘आयातित नेता’ की बहस एक बार फिर सामने आती दिखाई दे रही है।
तीन नेताओं को नाम लेकर बधाई, रोहन गुप्ता का जिक्र नहीं
पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने सोशल मीडिया पर वर्षों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा संगठन के साथ काम करने वाले जगदीश पटेल, वर्षाबेन दोशी और हेमांग जोशी को विशेष रूप से नाम लेकर बधाई दी।
हालांकि, नई राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किए गए रोहन गुप्ता का उनकी शुभकामना सूची में कोई उल्लेख नहीं किया गया।
रोहन गुप्ता हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। ऐसे में नितिन पटेल द्वारा तीन नेताओं को नाम लेकर बधाई देना, लेकिन रोहन गुप्ता का नाम नहीं लेना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
हाईकमान की नीति के खिलाफ अप्रत्यक्ष असंतोष?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, नितिन पटेल की इस पोस्ट को केवल एक संयोग या भूल के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसे लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वाले नेताओं और हाल में दूसरे दलों से भाजपा में आए नेताओं के बीच बढ़ती खाई के संदर्भ में देखा जा रहा है।
पार्टी के पुराने और वफादार नेताओं को नजरअंदाज कर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए नेताओं को सीधे राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिए जाने को लेकर संगठन के एक वर्ग में असंतोष की चर्चा पहले से होती रही है।
ऐसे में नितिन पटेल की सोशल मीडिया पोस्ट ने गुजरात भाजपा में ‘मूल भाजपाई’ बनाम ‘आयातित नेता’ की बहस को फिर हवा दे दी है। हालांकि, नितिन पटेल की ओर से रोहन गुप्ता का नाम नहीं लेने के पीछे कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।



