अहमदाबाद-सूरत ने रेलवे का खजाना भरा, लेकिन स्टेशन पर सुविधाओं के नाम पर शून्य! CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

CAG Audit Report Railways: भारतीय रेलवे देश के करोड़ों आम नागरिकों के लिए लाइफलाइन है, लेकिन हाल ही में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट में रेलवे स्टेशनों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। ‘अमृत स्टेशन’ योजना के बड़े-बड़े दावों के बीच कई रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाओं का अभाव पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सालाना करीब ₹530 करोड़ की आय देने वाला अहमदाबाद रेलवे स्टेशन और करीब ₹340 करोड़ की आय वाला सूरत रेलवे स्टेशन भी रेलवे की इस व्यवस्था का हिस्सा हैं।

देश के 89% स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी

CAG की रिपोर्ट के अनुसार, देश के 512 रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया गया। इनमें से करीब 89% स्टेशनों पर पंखे, वाटर कूलर, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और शेल्टर जैसी बुनियादी यात्री सुविधाओं की कमी पाई गई।

वहीं, केवल वर्ष 2019-20 में रेलवे को प्लेटफॉर्म टिकट से ₹160.87 करोड़ की आय हुई थी। इसके बावजूद कई स्टेशनों पर यात्रियों को बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और पीने के पानी जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ता है।

₹11,478 करोड़ की राशि खर्च नहीं हुई

CAG की रिपोर्ट में रेलवे के बजट इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में रेलवे को आवंटित राशि में से ₹11,478 करोड़ खर्च नहीं किए जा सके

एक तरफ यात्रियों को स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ रेलवे के पास उपलब्ध बजट का एक बड़ा हिस्सा इस्तेमाल नहीं हो पाया।

टिकट कैंसिलेशन से ₹6,112 करोड़ की वसूली

रिपोर्ट में टिकट कैंसिलेशन से होने वाली आय का भी उल्लेख किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, रेलवे ने चार वर्षों की अवधि में यात्रियों से टिकट कैंसिलेशन शुल्क के रूप में करीब ₹6,112 करोड़ वसूले।

ऐसे में CAG के आंकड़ों के बाद सवाल उठ रहा है कि रेलवे को इतनी बड़ी आय होने के बावजूद यात्रियों के लिए स्टेशनों पर जरूरी सुविधाएं पर्याप्त रूप से क्यों उपलब्ध नहीं हैं और आवंटित बजट का पूरा इस्तेमाल क्यों नहीं हो पाया।