20 सीट जीतने के बावजूद कांग्रेस को झटका, 2 पार्षदों वाली BJP की हाजन खातून टाक बनीं अध्यक्ष

Rajasthan Election News: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की नोहर नगर पालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव ने स्थानीय राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया। 40 वार्डों वाली नगर पालिका में कांग्रेस ने 20 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को सिर्फ 2 सीटें मिलीं। 18 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए। हालांकि, 21 सीटें बहुमत के लिए जरूरी थीं, इसलिए कांग्रेस के पास अपने दम पर स्पष्ट बहुमत नहीं था।

21 सितंबर को हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा की हाजन खातून टाक और कांग्रेस के सुमित चाचाण को 20-20 वोट मिले। बराबरी के बाद लॉटरी के जरिए फैसला किया गया, जिसमें हाजन खातून टाक के नाम की पर्ची निकली। इसके साथ ही भाजपा की हाजन खातून टाक नोहर नगर पालिका की अध्यक्ष निर्वाचित हो गईं।

2 सीट वाली भाजपा 20 वोट तक कैसे पहुंची?

चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती अध्यक्ष पद के लिए बहुमत जुटाने की थी। भाजपा के पास केवल दो पार्षद थे, जबकि 18 निर्दलीय पार्षद निर्णायक स्थिति में थे।

रिपोर्टों के अनुसार, हाजन खातून टाक ने इन निर्दलीय पार्षदों का समर्थन हासिल किया और भाजपा खेमे का आंकड़ा 20 तक पहुंच गया। दूसरी ओर कांग्रेस के पास अपने 20 पार्षद थे। अध्यक्ष पद के मतदान में दोनों उम्मीदवारों को बराबर 20-20 वोट मिले।

20-20 की बराबरी के बाद लॉटरी से फैसला

दोनों उम्मीदवारों को समान 20 वोट मिलने के बाद बहुमत का 21वां वोट किसी के पक्ष में नहीं गया। इसके बाद नियम के अनुसार लॉटरी के जरिए अध्यक्ष पद का फैसला किया गया।

लॉटरी में हाजन खातून टाक के नाम की पर्ची निकलने के साथ ही वह नोहर नगर पालिका की नई अध्यक्ष घोषित कर दी गईं।

हाजन खातून टाक का राजनीतिक परिवार

हाजन खातून टाक का परिवार पहले से ही राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके दिवंगत पति मंजूर अली टाक भी नोहर नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। हाजन खातून टाक राजस्थान सरकार की पूर्व राज्य मंत्री मेहरूनिशा टाक की सास भी हैं।

कांग्रेस के लिए क्यों अहम है यह नतीजा?

कांग्रेस ने नोहर नगर पालिका के 40 वार्डों में सबसे ज्यादा 20 सीटें जीती थीं, लेकिन अध्यक्ष पद के लिए वह निर्दलीय पार्षदों का पर्याप्त समर्थन हासिल नहीं कर सकी। इसके उलट भाजपा ने अपने दो पार्षदों के साथ निर्दलीय समर्थन जुटाकर अध्यक्ष पद के चुनाव में 20 वोट हासिल किए।

इस तरह 20-20 की बराबरी के बाद लॉटरी ने अंतिम फैसला किया और अध्यक्ष पद भाजपा के खाते में चला गया।