
नई दिल्ली: गैर-निवासी भारतीय (NRI) से संपत्ति खरीदने वाले लोगों के लिए आयकर से जुड़ी टीडीएस प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है। नई कर व्यवस्था के तहत संपत्ति खरीद से संबंधित टीडीएस अनुपालन को सरल बनाने की दिशा में बदलाव किए गए हैं। आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, गैर-निवासी विक्रेता के मामले में निवासी विक्रेता के लिए इस्तेमाल होने वाली Form 26QB व्यवस्था लागू नहीं होती और ऐसी स्थिति में Form 27Q के जरिए टीडीएस रिपोर्टिंग की जाती है।
NRI से संपत्ति खरीदने पर अलग प्रक्रिया
जब कोई व्यक्ति भारत में किसी निवासी से निर्धारित सीमा से अधिक मूल्य की अचल संपत्ति खरीदता है, तो टीडीएस की प्रक्रिया अलग होती है। लेकिन विक्रेता यदि गैर-निवासी है, तो लेनदेन पर लागू टीडीएस व्यवस्था अलग होती है।
आयकर विभाग के अनुसार, Form 26QB केवल निवासी विक्रेता के लिए उपलब्ध है। यदि संपत्ति का विक्रेता गैर-निवासी है, तो संबंधित टीडीएस के लिए Form 27Q लागू होता है।
TAN को लेकर क्या है नियम?
आयकर विभाग के ई-पे टैक्स संबंधी आधिकारिक स्पष्टीकरण के अनुसार, Form 26QB जैसे पैन-आधारित चालान-सह-विवरण के लिए खरीदार को अलग से TAN यानी Tax Deduction and Collection Account Number लेने की आवश्यकता नहीं होती। विभाग के अनुसार इन मामलों में भुगतान और रिपोर्टिंग PAN आधारित व्यवस्था के माध्यम से की जाती है।
हालांकि, यह नियम और प्रक्रिया लेनदेन के प्रकार तथा विक्रेता के आवासीय दर्जे पर निर्भर करती है। इसलिए NRI से संपत्ति खरीदने वाले व्यक्ति को भुगतान से पहले लागू टीडीएस प्रावधान की पुष्टि करनी चाहिए।
नई कर व्यवस्था में फॉर्म प्रक्रिया भी बदली
आयकर विभाग ने 1 अप्रैल 2026 से होने वाले कुछ निर्दिष्ट लेनदेन के लिए नई Form 141 व्यवस्था शुरू की है। इसमें अचल संपत्ति के हस्तांतरण से संबंधित टीडीएस के लिए अलग अनुसूची शामिल है। हालांकि आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार Form 141 की यह व्यवस्था निवासी विक्रेताओं (resident deductees) के लिए है।
इसलिए NRI से संपत्ति खरीदने वाले लोगों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि निवासी और गैर-निवासी विक्रेता के मामलों में टीडीएस की प्रक्रिया एक जैसी नहीं है।
खरीदारों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
NRI से संपत्ति खरीदते समय खरीदार को विक्रेता का PAN और आवासीय दर्जा, संपत्ति का मूल्य, भुगतान की तारीख और लागू टीडीएस प्रावधानों की सही जानकारी रखनी चाहिए। आयकर विभाग के अनुसार टीडीएस प्रक्रिया में गलत फॉर्म या गलत विवरण का इस्तेमाल करने से अनुपालन संबंधी परेशानी हो सकती है।
इसलिए संपत्ति की बड़ी डील करने से पहले कर विशेषज्ञ या चार्टर्ड अकाउंटेंट से लागू दर और फॉर्म की पुष्टि करना उपयोगी रहेगा।
क्या बदला है, एक नजर में
- NRI से संपत्ति खरीदने पर निवासी विक्रेता वाली Form 26QB व्यवस्था लागू नहीं होती।
- गैर-निवासी विक्रेता के मामले में Form 27Q लागू होता है।
- कुछ पैन-आधारित टीडीएस प्रक्रियाओं में अलग TAN लेने की आवश्यकता नहीं होती।
- 2026 से नई कर व्यवस्था के तहत कुछ टीडीएस लेनदेन के लिए Form 141 भी लागू किया गया है।
- NRI संपत्ति लेनदेन में सही फॉर्म और टीडीएस प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।
नोट: NRI से संपत्ति खरीदने के मामले में टीडीएस की दर और अनुपालन लेनदेन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकता है। केवल इस खबर के आधार पर भुगतान या कर कटौती का निर्णय न लें।



