320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती बुलेट ट्रेन भूकंप आते ही होगी सुरक्षित, गुजरात-महाराष्ट्र में लगेंगे सिस्मोमीटर

अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन: अहमदाबाद और मुंबई के बीच प्रस्तावित हाईस्पीड रेल सेवा में यात्रियों की सुरक्षा के लिए भूकंप की स्थिति से निपटने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। जापान की शिंकानसेन हाईस्पीड रेल तकनीक पर आधारित इस परियोजना में भूकंप के शुरुआती संकेतों की पहचान कर ट्रेन संचालन को सुरक्षित रूप से रोकने की व्यवस्था शामिल है।

अहमदाबाद-मुंबई हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई करीब 508 किलोमीटर है और ट्रेन की प्रस्तावित अधिकतम परिचालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्से भूकंपीय जोखिम वाले क्षेत्रों में आते हैं, इसलिए परियोजना में भूकंप सुरक्षा को विशेष महत्व दिया गया है।

भूकंप के शुरुआती संकेत मिलते ही सक्रिय होगी प्रणाली

प्रस्तावित सुरक्षा व्यवस्था में सिस्मोमीटर के जरिए भूकंप की शुरुआती तरंगों की निगरानी की जाएगी। भूकंप आने पर जमीन में सबसे पहले पहुंचने वाली प्राथमिक पी-वेव का पता लगाकर चेतावनी प्रणाली को सक्रिय किया जा सकता है।

इस तरह की प्रणाली का उद्देश्य ट्रेन को भूकंप की तेज और अधिक नुकसान पहुंचाने वाली तरंगों के प्रभाव से पहले सुरक्षित स्थिति में लाना है।

बिजली आपूर्ति बंद कर ट्रेन को रोकने की व्यवस्था

भूकंप के संकेत मिलने पर संबंधित रेल खंड में हाईस्पीड ट्रेन के लिए बिजली आपूर्ति को स्वचालित रूप से बंद करने की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद ट्रेन की आपातकालीन ब्रेकिंग प्रणाली सक्रिय होकर उसे रोकने की प्रक्रिया शुरू करेगी।

इसका उद्देश्य तेज गति से चल रही ट्रेन को भूकंप के संभावित प्रभाव वाले क्षेत्र में आगे बढ़ने से रोकना है।

गुजरात और महाराष्ट्र में सिस्मोमीटर लगाने की योजना

आपके दिए विवरण के अनुसार, पूरे 508 किलोमीटर लंबे हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर 28 सिस्मोमीटर लगाए जाने हैं। इनमें से 6 सिस्मोमीटर गुजरात और महाराष्ट्र के भूकंप-संवेदनशील क्षेत्रों में लगाए जाने की बात कही गई है।

हालांकि, इन 28 उपकरणों और 6 स्थानों की पूरी आधिकारिक सूची मुझे उपलब्ध रेलवे स्रोतों में स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं मिली है। इसलिए इन आंकड़ों को परियोजना से जुड़ी रिपोर्ट के रूप में देखना उचित होगा।

जापानी शिंकानसेन तकनीक से सुरक्षा पर जोर

अहमदाबाद-मुंबई हाईस्पीड रेल परियोजना में जापान की शिंकानसेन तकनीक से जुड़े सुरक्षा मानकों को अपनाया जा रहा है। जापान स्वयं भूकंप प्रभावित देश है और उसकी हाईस्पीड रेल व्यवस्था में भूकंप की स्थिति में ट्रेन संचालन रोकने के लिए शुरुआती चेतावनी प्रणालियों का उपयोग किया जाता है।

भारतीय रेलवे के दस्तावेजों में भी अहमदाबाद, मुंबई और महाराष्ट्र के कई हिस्सों को भूकंपीय जोखिम वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया है। वर्ष 2001 के भुज भूकंप का भी रेलवे के आपदा प्रबंधन दस्तावेजों में उल्लेख है।

यात्रियों की सुरक्षा होगी प्राथमिकता

अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना में तेज गति के साथ सुरक्षा प्रणालियों को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। भूकंप की शुरुआती सूचना मिलते ही ट्रेन को सुरक्षित रूप से रोकने की व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को संभावित खतरे से बचाना है।

यानी 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेन के लिए भूकंप की स्थिति में सबसे अहम भूमिका शुरुआती चेतावनी और स्वचालित सुरक्षा प्रणाली की होगी।