अहमदाबाद में 5 साल में 6 हजार से ज्यादा सड़क हादसे, 1,634 मौतें; सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

Ahmedabad Road Accidents 2026: अहमदाबाद में सड़क हादसों का आंकड़ा चिंता बढ़ाने वाला है। अहमदाबाद ट्रैफिक पुलिस के 2021 से जुलाई 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शहर में इस अवधि के दौरान 6,000 से अधिक गंभीर सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं। इन हादसों में 1,634 लोगों की मौत हुई, जबकि 3,100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

आंकड़ों के अनुसार, सार्वजनिक परिवहन, भारी वाणिज्यिक वाहनों और निजी वाहनों से जुड़े हादसों ने शहर की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एसजी हाईवे, सिंधुभवन रोड और एसपी रिंग रोड जैसे तेज रफ्तार वाले मार्गों पर दुर्घटनाओं का खतरा विशेष रूप से सामने आया है।

Ahmedabad Road Accidents 2026 में निजी वाहनों की बड़ी हिस्सेदारी

पिछले साढ़े पांच वर्षों के आंकड़ों में निजी वाहनों से जुड़े हादसों की संख्या सबसे अधिक रही। वर्ष 2021 से जुलाई 2026 के बीच निजी वाहनों से जुड़े 5,145 हादसों में 1,226 लोगों की मौत दर्ज की गई।

सिर्फ 2026 के पहले सात महीनों में ही निजी वाहनों से जुड़े 560 हादसों में 118 लोगों की जान गई। इनमें दोपहिया वाहनों से जुड़े हादसों में मौतों की संख्या विशेष रूप से अधिक रही।

आंकड़ों के अनुसार, दोपहिया वाहनों से जुड़े 2,236 हादसों में 665 लोगों की मौत हुई, जबकि कारों से जुड़े 2,909 हादसों में 561 मौतें दर्ज की गईं।

दोपहिया वाहन सवारों पर सबसे ज्यादा खतरा

ट्रैफिक अधिकारियों के अनुसार, दोपहिया वाहन सवारों के लिए हेलमेट सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। हेलमेट नियमों का पालन नहीं करने पर दुर्घटना के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने का जोखिम बढ़ जाता है।

इसके अलावा तेज रफ्तार सड़कों पर कार और दोपहिया वाहनों की गति में अंतर, अचानक लेन बदलना और यातायात नियमों का उल्लंघन भी दुर्घटनाओं की गंभीरता बढ़ा सकता है।

सरकारी बसें भी हादसों में शामिल

अहमदाबाद में चलने वाली AMTS, BRTS और GSRTC बसों से जुड़े हादसों का आंकड़ा भी चिंता पैदा करता है। 2021 से जुलाई 2026 के दौरान इन बस सेवाओं से जुड़े 362 हादसों में 138 लोगों की मौत हुई।

इनमें:

  • AMTS: 185 हादसे, 62 मौतें
  • BRTS: 84 हादसे, 37 मौतें
  • GSRTC: 39 मौतें

AMTS बसों से जुड़े हादसों में 2023 में एक साल के दौरान 17 मौतें दर्ज की गईं।

नगर निगम और सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी बस सेवाओं की सड़क सुरक्षा, चालक प्रशिक्षण और यातायात नियमों के पालन को लेकर इन आंकड़ों के आधार पर सवाल उठ रहे हैं।

भारी वाहनों से जुड़े 521 हादसे, 270 मौतें

शहर में निर्माण गतिविधियों और माल परिवहन के बढ़ने के साथ डंपर, मालवाहक ट्रक और रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) मिक्सर जैसे भारी वाहनों की आवाजाही भी बढ़ी है।

आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से जुलाई 2026 के बीच इन भारी वाहनों से जुड़े 521 हादसे हुए, जिनमें 270 लोगों की मौत हुई और 182 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर शहर के कई हिस्सों में समय-सीमा और नो-एंट्री नियम लागू किए जाते हैं। ऐसे नियमों के उल्लंघन, तेज रफ्तार और चालक की थकान जैसे संभावित कारणों की जांच सड़क हादसों की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

एसजी हाईवे और अन्य प्रमुख मार्गों पर बढ़ा जोखिम

अहमदाबाद के एसजी हाईवे, सिंधुभवन रोड और एसपी रिंग रोड जैसे मार्गों पर तेज रफ्तार यातायात रहता है। ऐसे मार्गों पर वाहनों की गति अधिक होने के कारण दुर्घटना होने पर गंभीर चोट और मृत्यु का जोखिम भी बढ़ सकता है।

शहर के बढ़ते यातायात और तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के बीच सड़क डिजाइन, स्पीड नियंत्रण, ट्रैफिक सिग्नल, लेन अनुशासन और भारी वाहनों की आवाजाही जैसे मुद्दे सड़क सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

सड़क सुरक्षा के लिए नियमों का पालन जरूरी

अहमदाबाद में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि सड़क दुर्घटनाएं केवल किसी एक प्रकार के वाहन तक सीमित नहीं हैं। निजी वाहन, दोपहिया, सार्वजनिक बसें और भारी वाणिज्यिक वाहन सभी दुर्घटनाओं के आंकड़ों में शामिल हैं।

सड़क हादसों में कमी लाने के लिए वाहन चालकों द्वारा गति सीमा का पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल, लेन अनुशासन तथा ट्रैफिक सिग्नल का पालन महत्वपूर्ण है। वहीं, प्रशासन के स्तर पर सड़क की स्थिति, यातायात प्रबंधन, भारी वाहनों के प्रवेश और दुर्घटना संभावित स्थानों की निगरानी भी अहम भूमिका निभाती है।

नोट: दुर्घटनाओं के कारणों से जुड़े कुछ दावे उपलब्ध आंकड़ों की व्याख्या पर आधारित हैं। किसी विशेष दुर्घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित पुलिस जांच और आधिकारिक रिपोर्ट को अंतिम आधार माना जाना चाहिए।