
Xi Jinping US Visit 2026: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा 25 सितंबर को समाप्त हो गई। वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच व्यापार, ईरान, ताइवान, यूक्रेन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, बैठक के बाद किसी बड़ी नई व्यापक डील की घोषणा नहीं हुई।
यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर संबंधों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया, लेकिन ईरान, ताइवान और AI जैसे प्रमुख मुद्दों पर मतभेद बने रहे।
ट्रंप ने शी जिनपिंग को ईरान को मदद न देने की चेतावनी दी
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने शी जिनपिंग से कहा कि चीन की ओर से ईरान को किसी भी तरह की सैन्य या आर्थिक मदद अमेरिका के लिए स्वीकार्य नहीं होगी। चीन में अमेरिकी राजदूत डेविड परड्यू के अनुसार, ट्रंप ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया और चीन से ईरान को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सहायता नहीं देने को कहा। चीन की ओर से अमेरिका को आश्वासन दिया गया कि वह ऐसी सहायता नहीं करेगा।
यह चर्चा ऐसे समय हुई जब चीन पर ईरान को संभावित सैन्य सहायता और प्रतिबंधों के बावजूद उसके तेल व्यापार में मदद करने को लेकर रिपोर्ट सामने आई थीं। हालांकि, चीन ने इन आरोपों के संबंध में सार्वजनिक तौर पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।
ईरान और पश्चिम एशिया पर शी ने बातचीत का समर्थन किया
बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने अमेरिका और ईरान से बातचीत के रास्ते पर लौटने का आह्वान किया। चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, शी ने कहा कि सभी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान होना चाहिए और संबंधित पक्षों को बातचीत के जरिए समाधान तलाशना चाहिए।
ईरान का मुद्दा चीन के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पश्चिम एशिया से ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता का असर चीनी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
व्यापार में अस्थायी राहत, लेकिन बड़ी नई डील नहीं
ट्रंप-शी बैठक में अमेरिका और चीन के बीच पहले से चल रहे व्यापारिक तनाव को नियंत्रित रखने पर चर्चा हुई। हालांकि, बैठक से किसी नई व्यापक व्यापार संधि की घोषणा नहीं हुई।
रॉयटर्स के अनुसार, बैठक में व्यापार, AI, ताइवान और ईरान जैसे मुद्दों पर बड़े मतभेदों का कोई निर्णायक समाधान सामने नहीं आया।
इसलिए इस यात्रा का प्रमुख परिणाम किसी नई ऐतिहासिक व्यापार डील के बजाय दोनों देशों के बीच संवाद और मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखने की कोशिश के रूप में सामने आया।
AI पर भी बनी रही चर्चा, लेकिन बड़ा समझौता नहीं
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी दोनों नेताओं की बातचीत का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। ट्रंप ने AI को लेकर अपनी महत्वाकांक्षाओं और तकनीकी नेतृत्व पर जोर दिया, जबकि चीन की ओर से AI के विकास और उपयोग में सुरक्षा तथा मानव नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
हालांकि, बैठक के बाद AI से जुड़े जोखिमों को नियंत्रित करने के लिए किसी बड़े नए अंतरराष्ट्रीय समझौते की घोषणा नहीं हुई।
ताइवान पर चीन ने स्पष्ट किया अपना रुख
शी जिनपिंग ने बैठक में ताइवान को लेकर चीन की स्थिति स्पष्ट की। शिन्हुआ के अनुसार, शी ने कहा कि चीन राष्ट्रीय एकता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के अपने रुख पर कायम है और अमेरिका को ताइवान के मुद्दे को सावधानी से संभालना चाहिए।
वहीं, अमेरिकी पक्ष ने ताइवान को लेकर अपनी मौजूदा नीति में किसी बड़े बदलाव का संकेत नहीं दिया। इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच रणनीतिक मतभेद अभी भी बने हुए हैं।
ट्रंप ने शी को व्हाइट हाउस और नेशनल आर्काइव्स का दौरा कराया
शी जिनपिंग की यात्रा के दौरान ट्रंप ने उनके साथ व्हाइट हाउस परिसर का दौरा किया और अमेरिकी इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को दिखाया। दोनों नेताओं की बैठक का सार्वजनिक माहौल काफी सौहार्दपूर्ण रहा।
व्हाइट हाउस ने 25 सितंबर को जारी बयान में यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे भी जारी रहेगी।
3 दिन की यात्रा से क्या निकला?
Xi Jinping US Visit 2026 के दौरान अमेरिका और चीन ने कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर सीधे संवाद किया, लेकिन ईरान, ताइवान और AI जैसे संवेदनशील विषयों पर कोई निर्णायक समाधान सामने नहीं आया। ट्रंप की ओर से ईरान को चीनी सहायता को लेकर चेतावनी और चीन की ओर से ताइवान पर स्पष्ट रुख इस बैठक के प्रमुख बिंदुओं में रहे।
इस तरह तीन दिवसीय यात्रा का समापन संवाद जारी रखने के संदेश के साथ हुआ, जबकि कई प्रमुख रणनीतिक मुद्दे अभी भी दोनों देशों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
नोट: ईरान को चीनी सहायता से जुड़े दावे मुख्यतः अमेरिकी अधिकारियों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। चीन की ओर से इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिली है।



